शिमला में पानी की लूट, 2500 के टैंकर के अब इतने रुपये, होटल बंद करने की नौबत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पहाड़ों की रानी में पानी को लेकर लूट की स्थिति बन गई है। जल संकट से पर्यटन कारोबारी विशेषकर होटलियर खासे परेशान हैं। टूरिस्ट सीजन के चलते शहर के होटल पैक हैं और पानी की सप्लाई ठप। जल संकट के चलते प्राइवेट वाटर टैंकर ऑपरेटरों ने रेट दोगुने कर दिए हैं।
4000 लीटर क्षमता वाले टैंकर का रेट 2500 से बढ़ाकर सीधा 5000 रुपये कर दिया गया है। राजधानी शिमला में पानी की किल्लत से पर्यटन कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। हालात यह है कि होटलों में कमरों की एडवांस बुकिंग हो चुकी है और मेहमानों के लिए पानी नहीं है।
पानी का इंतजाम न होने के कारण कई होटलों में तो बुकिंग कैंसल करने तक की नौबत आ गई है। टूरिज्म इंडस्ट्री स्टेक होल्डर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र सेठ का कहना है कि नगर निगम हफ्ते में एक बार भी शहर में पानी की सप्लाई सुनिश्चित नहीं कर पा रहा।
होटल संचालकों को मनमाने दामों पर टैंकरों से पानी खरीदना पड़ रहा है। सरकार को तुरंत शिमला शहर में पानी की सप्लाई बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
नालों से पानी भर होटलों तक पहुंचा रहे टैंकर
होटलियर एसोसिएशन शिमला के अध्यक्ष हरनाम सिंह कुकरेजा का कहना है कि पीक टूरिस्ट सीजन के दौरान भी होटल संचालकों को पानी नसीब नहीं हो रहा है। एसोसिएशन ने नगर निगम और प्रदेश सरकार को पानी की समस्या को लेकर लिखित में सूचित किया गया है लेकिन समस्या का कोई समाधान नहीं हो रहा। जल्द ही एसोसिएशन समस्या को लेकर मुख्यमंत्री से मिलेगी।
शहर के इर्द गिर्द नालों से पानी भरकर टैंकरों के जरिये होटलों तक पहुंचाया जा रहा है। टूटीकंडी बाईपास, घणाहट्टी और शोघी सहित अन्य स्थानों पर नालों में पाइपें जोड़कर टैंकरों में पानी भरा जा रहा है।
संकट में पब्लिक, घूमने कैसे जा सकती हैं मेयर- होटलियरों का कहना है कि शहर में जल संकट गहरा गया है। पर्यटन सीजन के दौरान कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है ऐसे में शहर की मेयर घूमने चीन कैसे जा सकती हैं। मेयर को शहर के लोगों के बीच रह कर समस्या के समाधान का प्रयास करना चाहिए था।