वनों में आग से निपटने के लिए जन सहभागिता जरूरी : गोविंद ठाकुर
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वनों में आग की घटनाओं पर काबू पाने के लिए लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण है और उनके सहयोग के बिना ऐसी घटनाओं से निपटना संभव नहीं है। यह बात वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने शुक्रवार को वन मुख्यालय में वन अग्नि प्रबंधन को मजबूत करने पर विश्व बैंक की रिपोर्ट को जारी करने के लिए क्षेत्रीय स्तरीय कार्यशाला के दौरान कही। कार्यशाला में उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश के वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा विश्व बैंक की टीम और भारतीय सर्वेक्षण संस्थान देहरादून के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को वनों की आग की समस्या से निपटने के लिए अभी से तैयारियां शुरू करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि आग की अधिक घटनाएं 15 अप्रैल से लेकर 15 जुलाई की बीच होती हैं और इसके लिए हर तरह की रणनीति अभी से तैयार की जानी चाहिए। उन्होंने विभाग को रैपिड रिस्पांस फोर्स में करीब पचास हजार लोगों का पंजीकरण कराने के लिए निर्देश दिए। उत्तराखंड के सहायक प्रधान सचिव वन विनीत पांकी, जम्मू कश्मीर की प्रतिनिधि सहायक वन अरण्यपाल श्वेता देवी तथा हिमाचल प्रदेश वन विभाग के मुख्य वन अरण्यपाल आलोक नागर ने अपने अपने प्रदेशों में वन्य अग्नि की घटनाओं से निपटने के लिए इस्तेमाल की जा रही तकनीकों पर प्रस्तुतियां दी। भारतीय सर्वेक्षण संस्थान देहरादून से आए ई विक्रम ने भी अपनी प्रस्तुति दी।