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Shimla News: होली के लिए सजे बाजार हर्बल रंगों की ज्यादा मांग
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राजस्थान से मंगवाए हैं हर्बल रंग
विक्रेताओं का दावा, त्वचा को नहीं पहुंचता नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के बाजारों में होली के त्योहार के लिए एक हफ्ता पहले से ही शहर के बाजार सजना शुरू हो गए हैं। बाजार में रंग-बिरंगे गुलाल के स्टॉल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। इन दिनों शिमला के लोअर बाजार में हर्बल रंगों की मांग बढ़ गई है।
लोग बाजार में त्वचा को नुकसान न पहुंचाने वाले रंगों को ही खरीद रहे हैं। इस वजह से केमिकल वाले रंगों की मांग कम है। छोटे पैकेट में गुलाल 20 रुपये तक उपलब्ध है। बेहतर गुणवत्ता और बड़े पैक 40 से 50 रुपये तक उपलब्ध हैं। इससे आम लोगों की जेब पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ रहा है। त्योहार का सामान खरीदने के लिए ग्राहकों की भीड़ भी लगना शुरू हो गई है। हालांकि अभी खरीदारी परचून विक्रेता ही ज्यादा कर रहे हैं। दुकानदार राहुल ने बताया कि इस बार राजस्थान से हर्बल रंग मंगवाए हैं। इसमें अरारोट और टेलकम पाउडर का प्रयोग किया है। यह त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचाता। उन्होंने बताया कि हिमाचल में तैयार किए गए प्राकृतिक गुलाल और ऑर्गेनिक रंगों को लोग हाथों-हाथ ले रहे हैं। एक से दो दिन में बाजार में बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर वाली पिचकारियां भी पहुंचना शुरू हो जाएंगी।
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विक्रेताओं का दावा, त्वचा को नहीं पहुंचता नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के बाजारों में होली के त्योहार के लिए एक हफ्ता पहले से ही शहर के बाजार सजना शुरू हो गए हैं। बाजार में रंग-बिरंगे गुलाल के स्टॉल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। इन दिनों शिमला के लोअर बाजार में हर्बल रंगों की मांग बढ़ गई है।
लोग बाजार में त्वचा को नुकसान न पहुंचाने वाले रंगों को ही खरीद रहे हैं। इस वजह से केमिकल वाले रंगों की मांग कम है। छोटे पैकेट में गुलाल 20 रुपये तक उपलब्ध है। बेहतर गुणवत्ता और बड़े पैक 40 से 50 रुपये तक उपलब्ध हैं। इससे आम लोगों की जेब पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ रहा है। त्योहार का सामान खरीदने के लिए ग्राहकों की भीड़ भी लगना शुरू हो गई है। हालांकि अभी खरीदारी परचून विक्रेता ही ज्यादा कर रहे हैं। दुकानदार राहुल ने बताया कि इस बार राजस्थान से हर्बल रंग मंगवाए हैं। इसमें अरारोट और टेलकम पाउडर का प्रयोग किया है। यह त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचाता। उन्होंने बताया कि हिमाचल में तैयार किए गए प्राकृतिक गुलाल और ऑर्गेनिक रंगों को लोग हाथों-हाथ ले रहे हैं। एक से दो दिन में बाजार में बच्चों के लिए कार्टून कैरेक्टर वाली पिचकारियां भी पहुंचना शुरू हो जाएंगी।
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