सोलन हादसा: कोई छलांग मार बचा तो किसी की अस्पताल में खुल पाई आंख
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कुमाहरट्टी-नाहन मार्ग पर भवन गिरने से हुए घायलों को एमएमयू सुल्लतानपुर और सीएचसी अस्पताल धर्मपुर पहुंचाया गया है। हादसे में घायल लोगों की आंखों और जहन से दुर्घटना का दृश्य नहीं जा रहा है। घायल सेना के जवान और आम लोग अब तक सदमे में हैं।
हालांकि, घायलों की स्थिति अब कुछ हद तक ठीक बताई जा रही है। वहीं सोमवार को मुख्यमंत्री जयाराम ठाकुर ने भी मौके का जायजा लिया है। इसके बाद वह घायलों का हालचाल पूछने एमएमयू और सीएचसी धर्मपुर अस्पताल भी पहुंचे।
वहीं इस दौरान उन्होंने मौजूद घायलों से घटित हादसे के बारे में भी पूछा। घायल व्यक्ति रणवीर ने मुख्यमंत्री को बताया कि वह डगशाई छावनी से आए थे और ढाबे में खाना खाने और चाय पीने के लिए रुके थे।
उन्होंने बताया कि उन्हें खाने का ऑर्डर दिए कुछ ही समय हुआ था कि एकदम से जमीन हिलने लगी। उन्हें सोचने का समय भी नहीं मिला कि यह क्या हो रहा है, इतने में पूरा भवन ढह गया।
इसके बाद उनकी आंखों के सामने अंधेरा छा गया और वह बेसुध हो गए। इसके बाद उन्होंने अस्पताल में आंख खोली है। उन्होंने बताया कि उनके सेना साथी के साथ ढाबे में काम कर रहे कर्मचारी और अन्य लोग भी इस दौरान भवन में ही मौजूद थे।
ढाबा में काम करे हरदीप से ने बताया कि हादसे से पहले पूरे भवन में हंसी मजाक सहित सब लोग खुश थे। इस दौरान आर्मी की एक बस उनके ढाबे के साथ रुकी जिसके बाद उसमें से आर्मी जवान अंदर आए।
इनमें से कुछ ऊपरी मंजिल और कुछ उससे निचली वाली मंजिल में बैठे। जिसके बाद उनसे खाने का ऑर्डर लिया गया। वह किचन में खाना तैयार कर रहे थे और तंदूर में रोटी सेंक रहे थे। तभी जमीन हिलने लगी और भवन नीचे की ओर ढहने लगा।
जैसे ही भवन धंसने लगा, उसने वैसे ही वहां से छलांग लगा दी। इससे वह हादसे में बाल-बाल बच गया जबकि उसके अन्य साथी उसमें फंस गए। इसके बाद पूरा भवन नीचे बैठ गया और चीख पुकार शुरू हो गई। इस कारण वे काफी देर तक एकदम सदमे में रहे।