Himachal: मंजीत कटोच बोले- ईएसआईसी में अब अविवाहित भाई बहन को भी जोड़ा जाएगा
ईएसआईसी के क्षेत्रीय निदेशक कर्नल मंजीत कटोच ने कहा है कि अब ईएसआईसी का अंशदान केवल कर्मचारी के मूल वेतन और महंगाई भत्ते पर ही देय होगा।
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कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के क्षेत्रीय निदेशक कर्नल मंजीत कटोच ने कहा है कि अब ईएसआईसी का अंशदान केवल कर्मचारी के मूल वेतन और महंगाई भत्ते पर ही देय होगा। बीमाकृत महिला के आश्रित सास-ससुर और माता-पिता को भी अब परिवार का सदस्य माना जाएगा और उन्हें चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी। यदि अविवाहित बीमाकृत के माता-पिता नहीं हैं, तो उनके आश्रित भाई-बहन परिवार के दायरे में आएंगे। औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के वर्धमान टेक्सटाइल्स परिसर में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) की ओर से नए श्रम कानून 2025 पर एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उद्योगों और श्रमिकों को नए बदलावों और सुविधाओं के प्रति जागरूक करना था। कार्यशाला का शुभारंभ क्षेत्रीय निदेशक कर्नल मंजीत कटोच ने किया। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में मरीज को ईएसआईसी से जुड़े निजी अस्पतालों में सीधे ले जाया जा सकेगा। इसके लिए अब ईएसआई अस्पताल से रेफरल की आवश्यकता नहीं होगी।
शिक्षा में आरक्षण और स्वास्थ्य सेवाएं
कर्नल मंजीत ने बताया कि ईएसआईसी में पंजीकृत कामगारों के बच्चों के लिए एमबीबीएस, बीएएमएस, नर्सिंग और टेक्नीशियन जैसे कोर्सेज में आरक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने अमर अस्पताल, इंडस, मुकुट और सुहाना जैसे कई नामी अस्पतालों के साथ टाइ-अप की जानकारी भी दी। चैंबर ऑफ कॉमर्स के सलाहकार देवव्रत यादव ने बताया कि नए कानूनों के तहत अब निरीक्षण फेसलेस होंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही, आयुष्मान भारत से जुड़े अस्पतालों में भी अब बिना रेफरल के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। एवीपी मोहन जांगड़ा ने कहा कि नए श्रम कानूनों को सुगमता से लागू करने के लिए जल्द ही एक विस्तृत बुकलेट उपलब्ध करवाई जाएगी। कार्यशाला में वर्धमान टेक्सटाइल्स के सीजीएम मुकेश सक्सेना, शाखा प्रबंधक अभिनव गुप्ता, सामाजिक सुरक्षा अधिकारी श्रवण कुमार सहित पप्पू यादव, हेमा ठाकुर, सतीश मेहरा और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।