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शिमला: संजौली में शाम को वनवे व्यवस्था ही रहेगी बरकरार, हाईकोर्ट ने दिए आदेश
Fri, 02 Oct 2026 06:14 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
संवाद न्यूज एजेंसी, शिमला।
Published by: Krishan Singh
Updated Fri, 02 Oct 2026 06:14 PM IST
सार
प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को चमियाना अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों को हो रही असुविधाओं और परेशानियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की।
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हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने शुक्रवार को चमियाना अस्पताल में मरीजों और तीमारदारों को हो रही असुविधाओं और परेशानियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। खंडपीठ ने आदेश दिया था कि 1 सितंबर से 30 सितंबर तक संजाैली से टनल तक प्रतिबंधित मार्ग को सुबह के समय यातायात के लिए सुचारू रूप से खुला रखा जाए लेकिन शाम के समय प्रतिबंधित सड़क पर यातायात में बदलाव की कोई योजना नहीं। मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया तथा न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने स्थानीय नागरिकों की ओर से जताई गई आशंकाओं को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि शाम के समय प्रतिबंधित यातायात आवाजाही में बदलाव करने पर अदालत की ओर से इस स्तर पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है।
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इसके अलावा खंडपीठ ने विभाग से चमियाना अस्पताल में ब्लड बैंक और लाइसेंस प्राप्त ब्लड स्टोरेज यूनिट की प्रगति पर हलफनामा तलब किया है। मामले की अगली सुनवाई 3 नवंबर को होगी। बिजली बोर्ड की ओर से दायर स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया कि 22 केवी एचटी और एलटी बिजली लाइनों को अंडरग्राउंड आरसीसी डक्ट के माध्यम से बिछाया जाना है। इस परियोजना पर लगभग 1.72 करोड़ रुपये की लागत आएगी। अदालत ने बिजली बोर्ड को निर्देश दिया कि वे लोक निर्माण विभाग और संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर राइट ऑफ वे की उपलब्धता के अनुसार इस काम में तेजी लाएं। न्यायालय में न्याय मित्र ने 25 नवंबर 2025 के आदेश का हवाला देते हुए ब्लड बैंक के गठन और लाइसेंस प्राप्त ब्लड स्टोरेज यूनिट के मुद्दे को उठाया। अदालत ने इस दिशा में अब तक हुई प्रगति पर विस्तृत हलफनामा दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
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