फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Mandi accident: electricity board give clean chit to Larji project

लारजी प्रोजेक्ट बेकसूर, फिर गुनहगार कौन?

Wed, 18 Jun 2014 06:20 PM IST
Updated Wed, 18 Jun 2014 06:20 PM IST
विज्ञापन
Mandi accident: electricity board give clean chit to Larji project

लारजी हादसे के लिए बिजली बोर्ड ने प्रोजेक्ट प्रबंधन को बेकसूर करार दिया है। बोर्ड की ओर से बनाई गई आंतरिक जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट बोर्ड के प्रबंध निदेशक को सौंप दी है।

विज्ञापन


इस रिपोर्ट में कहा गया है कि स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर से 8 जून शाम को पावर हाउस में विद्युत उत्पादन घटाने के मौखिक निर्देश मिले थे। इसके बाद डैम में पानी ज्यादा होने के कारण इसे छोड़ा गया।
विज्ञापन


इसी पानी में हैदराबाद के 24 छात्र और एक टूर लीडर बह गया था। इस रिपोर्ट के अनुसार प्रबंधन बेकसूर है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि फिर कौन इस हादसे के लिए जिम्मेदार है। इस मामले ने जहां हिमाचल पर्यटन को झटका दिया, कहीं इसके गुनहगारों को बचाया तो नहीं जा रहा।

विज्ञापन
विज्ञापन

सरकार को रिपोर्ट सौंपने की तैयारी

Mandi accident: electricity board give clean chit to Larji project

रिपोर्ट में कहा गया है कि पानी छोड़ने से पहले सभी संबंधित प्रोटोकॉल पूरे किए गए। स्थानीय लोगों को भी इसकी सूचना पहले दी गई थी। इस हादसे के बाद बिजली बोर्ड ने तीन लोगों को सस्पेंड करते हुए चार सदस्यीय आंतरिक जांच कमेटी बनाई थी।

बिजली बोर्ड के केंद्रीय जोन मंडी के मुख्य अभियंता एसके गोयल की अध्यक्षता में बनी जांच कमेटी में अधीक्षण अभियंता अरुण कपूर, प्रवेश ठाकुर और राजेश कपूर सदस्य थे। जांच कमेटी ने घटनास्थल का दौरा कर चश्मदीदों के बयान लिए।

इस मामले में निलंबित अधिशाषी अभियंता मनदीप सिंह (उत्पादन), अधिशाषी अभियंता महेंद्र सिंह ढटवालिया (सिविल) तथा फीडर हरबंस से भी पूछताछ की थी। बिजली बोर्ड के एमडी पीसी नेगी ने बताया कि उन्हें रिपोर्ट मिल गई है। इसमें कहा गया है कि पानी छोड़ने से पहले सभी औपचारिकताएं पूरी की गई थीं। इसे सरकार को भेज दिया जाएगा।

लौटने लगे हैं छात्रों के परिजन

Mandi accident: electricity board give clean chit to Larji project

वहीं, लारजी हादसे के दस दिन बाद भी अपनों के मिलने की आस लगाए परिजनों की उम्मीदें टूट चुकी हैं। लापता छात्रों के परिजन अब जिला प्रशासन से डेथ सर्टिफिकेट लेकर ही वापस लौटने का मन बना चुके हैं।

बुधवार तक यहां ठहरे सभी परिजन वापस हैदराबाद लौटने की तैयारी में है। तेलंगाना के परिवहन मंत्री महिधर रेड्डी व डीजीपी अनुराग शर्मा ने भी घटनास्थल का दौरा कर सर्च ऑपरेशन का जायजा लिया।

ब्यास नदी में सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाने के बावजूद 16 छात्र व एक टूर लीडर के शव का कोई अता पता नहीं लग पाया है। अधिकतर परिजन वापस घर जा चुके हैं। मगर 17 परिजन इस आस में यहीं रुके हैं कि शायद उनका लाडला मिल जाए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed