मां बाप को कौन बताए, अब नहीं रहा मंजीत
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यमन में विद्रोह और संघर्ष का शिकार हुए हमीरपुर के मंजीत सिंह का शव सोमवार सुबह दिल्ली पहुंचेगा। उसके बाद उसे पैतृक गांव हमीरपुर के चंबोह लाया जाएगा।
उधर, डीसी रोहन चंद ठाकुर ने बताया कि दिल्ली में रेजिडेंट कमिश्नर से उनकी बात हुई है। विदेश मंत्रालय के अफसरों से भी संपर्क किया जा रहा है। एसडीएम भोरंज राकेश शर्मा ने बताया कि प्रशासन ने पूरी व्यवस्था की थी, लेकिन मृतक का बड़ा भाई अन्य लोगों के साथ पहले ही दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं।
बेटे का हुआ है एक्सीडेंट
मंजीत के पिता प्रकाश चंद का कहना है कि बड़े बेटे प्रवीण ने बताया है कि उसका एक्सीडेंट हुआ है। मिलिट्री अस्पताल दिल्ली में इलाज चल रहा है। उसे लेने जा रहे हैं।
चंबोह की प्रधान प्रोमिला देवी ने कहा कि मंजीत के बड़े भाई प्रवीण ने कहा है कि उनके परिवार को ये खबर न दी जाए। पिता बीमार रहते हैं। उन्हें पता नहीं चलना चाहिए। नहीं तो पूरा परिवार खाना-पीना छोड़ देगा। सूचना न दी जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने शव को भारत लाने के लिए विदेश राज्य मंत्री जनरल वीके सिंह से फोन पर सहयोग की बात की। धूमल ने मृतक मंजीत के सारे दस्तावेज भी विदेश राज्य मंत्री के ओएसडी एसपी सिंह के माध्यम से केंद्र सरकार को भिजवा दिए हैं।
पत्नी, माता-पिता को अभी तक नहीं मौत का पता
अमर उजाला में खबर छपने के बाद पूरे चंबोह गांव को पता चल चुका है कि मंजीत अब इस दुनिया में नहीं। लेकिन रविवार को दिनभर कोई हिम्मत नहीं जुटा पाया कि मंजीत के माता-पिता को बताए कि उनका बेटा यमन की हिंसा ने लील लिया है।
पत्नी तक को इसकी भनक नहीं है। घर के लोग अपने रोजमर्रा के काम व्यस्त हैं। गांव के नुक्कड़-चौराहे में लोग इकट्ठे हो रहे हैं, चर्चा हो रही है। लेकिन इतनी हिम्मत किसी में नहीं कि वे मंजीत की मौत की सूचना दे सकें।
मंजीत के घर न तो पड़ोसी जा पा रहे हैं और न ही पुलिस। मंजीत की मौत की सूचना सिर्फ उसके बड़े भाई प्रवीण को है। प्रवीण शव लेने के लिए दिल्ली रवाना हो गया है। पिता प्रकाश चंद को बताया गया है कि मंजीत का एक्सीडेंट हो गया है। दिल्ली में इलाज चल रहा है और उसे लेने जा रहे हैं।