आड़े मेरे मामुआ हो, भाऊआ रूपी ऐ नौची जोंगडू शोहे मेरी भाऊआ रूपी ऐ....। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की स्वर लहरियों के बीच कुल्लवी संस्कृति को दर्शाते ऐसे गीतों पर महिलाओं ने कदम से कदम मिलाकर नाटी डाली। विंटर कार्निवाल के दूसरे दिन मंगलवार को मनाली के मालरोड में महानाटी में लेफ्ट बैंक इलाके की 79 महिला मंडलों की 900 से अधिक महिलाओं ने पारंपरिक परिधान पहनकर भाग लिया।
तीन फूल वाले काले पट्टू, लाल दाठू और चंद्रहार जैसे प्राचीन आभूषणों से सुसज्जित महिलाओं की कदम से कदम मिलाकर कुल्लवी नाटी डाली तो पर्यटक भी खुद को थिरकने से नहीं रोक पाए। महानाटी के माध्यम से महिलाओं ने महिला सशक्तीकरण का संदेश दिया। पांच जनवरी को राइट बैंक की महिलाएं तीन फूल वाले सफेद पट्टू और पारंपरिक आभूषणों के साथ नाटी डालेंगी।
खास यह है कि इस नाटी में भाग लेने वाली सभी महिलाओं को विंटर कार्निवाल कमेटी की ओर से सांत्वना पुरस्कार दिए जाएंगे, जबकि प्रथम और द्वितीय पुरस्कार भी घोषित होंगे। एसडीएम मनाली एवं विंटर कार्निवाल कमेटी के उपाध्यक्ष डॉ. सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि नाटी में कुल 79 महिला मंडलों ने भाग लिया।
राष्ट्रीय स्तरीय विंटर कार्निवाल के दूसरे दिन मंगलवार को मनु रंगशाला में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश कर कलाकारों ने खूब समां बांधा। लोकनृत्य प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों के लोक नृत्य देख दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। लोक नृत्य प्रतियोगिता के दौरान पंजाब का भंगड़ा और कुल्लवी नाटी पर दर्शक भी झूमने के लिए विवश हुए। वहीं, फिल्म डांस प्रतियोगिता में कलाकारों ने प्रतिभा दिखाई।
उत्तराखंड के कलाकारों ने हिमाचल और उत्तराखंड के लोक नृत्य का समावेश कर दोनों प्रदेशों की संस्कृति की अनूठी झलक दिखाई। उनके घसियारी लोक नृत्य पर दर्शक भी झूम उठे। दूसरे दिन विंटर कार्निवाल का आगाज लोकनृत्य प्रतियोगिता के साथ हुआ। डी वॉरियर कुल्लू, ब्लैक स्पीरिट क्रो नाभा पंजाब, हरि हरानंद उज्जैन, पंजाब हेरिटेज, म्यूजिक वर्ल्ड स्टूडियो लुधियाना, सूर्या सांस्कृतिक दल बनोगी और परफेक्ट डांस जम्मू के कलाकारों ने भाग लिया।