सरहद की हिफाजत को डबल लेन होगा ये हाईवे
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सामरिक महत्व के मनाली-लेह हाईवे को डबल लेन किया जाएगा। 490 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर न तो जाम लगेगा और आवाजाही भी आसान होगी। हिमाचल में पड़ने वाले मनाली से सरचू तक 230 किलोमीटर लंबे मार्ग को डबल लेन करने का जिम्मा बीआरओ के दीपक विंग को दिया गया है। जबकि सरचू से लेह-लद्दाख (जेएंडके) तक 260 किमी मार्ग को चौड़ा सेना का ही दूसरा विंग हिमांग करेगा।
लेह, कारगिल और चीन की सीमा से सटे क्षेत्रों तक सेना का राशन और अन्य सामग्री पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी है। सूत्रों का कहना है कि दोनों छोर से सड़क को डबल लेने का कार्य शुरू हो गया है। बीआरओ ने मनाली से लेह तक करीब 490 किलोमीटर लंबे मार्ग को 2016 तक डबल लेन करने का लक्ष्य रखा है।
20 टन सामान पहुंचेगा एकसाथ
मनाली से लेह मार्ग डबल लेने होने से चीन बार्डर तक एक वाहन में 20 टन से अधिक सामान पहुंचा सकेंगे। वर्तमान में सिंगल रोड होने के कारण इस सड़क पर 6-7 टन से अधिक भार वाले वाहन नहीं जा सकते हैं।
लिंक रोड भी निकाल रहा बीआरओ
बीआरओ बार्डर तक लिंक रोड भी निकाल रहा है। तर्क दिया जा रहा है कि बर्फबारी के चलते अगर मुख्य मार्ग बंद हो जाता है तो बार्डर तक पहुंचने के लिए ये लिंक रोड विकल्प बन सकते हैं। सेना ही नहीं बल्कि स्थानीय लोगों, सैलानियों और कारोबारियों के लिए भी ये सड़कें सहायक सिद्ध होंगी।
इसके अलावा जम्मू बार्डर के पश्चिम भाग को जोड़ने के लिए मनाली और सरचू सड़क के बीच तांदी से सनसरी तक करीब 140 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी। लेह बार्डर तक पहुंचने के लिए दारचा से शिकुंला मार्ग का निर्माण शुरू हो गया है, ये सेना को बार्डर तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्ग होगा।
मनाली से सरचू तक करीब 230 किलोमीटर सड़क डबल लेन की जा रही है। 2016 तक काम पूरा किया जाना है। डबल लेने होने से सेना और देश की अर्थव्यवस्था को फायदा होगा। बार्डर तक पहुंचने के लिए विकल्प के तौर पर लिंक रोड भी निकाले जा रहे हैं।
-ब्रिगेडियर एसके कटारिया, चीफ इंजीनियर, बीआरओ