राहत की खबर: हिमस्खलन के 23 घंटे बाद बहाल हुआ मनाली-केलांग मार्ग
हिमस्खलन के मलबे के आर-पार फंसे दर्जनों वाहनों समेत सैकड़ों यात्री लंबे इंतजार के बाद अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे मूलिंग पुल के समीप दो से तीन जगह हिमस्खलन से मार्ग बंद हो गया था।
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बीआरओ ने करीब 23 घंटे बाद मनाली-केलांग सड़क मार्ग ट्रैफिक के लिए बहाल कर दिया है। हिमस्खलन के मलबे के आर-पार फंसे दर्जनों वाहनों समेत सैकड़ों यात्री लंबे इंतजार के बाद अपने गंतव्य की ओर रवाना हुए। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे मूलिंग पुल के समीप दो से तीन जगह हिमस्खलन से मार्ग बंद हो गया था। घटना के काफी देर बाद बीआरओ की मशीन पहुंची, लेकिन देर रात तक कोशिश करने के बावजूद मार्ग को बहाल नहीं किया जा सका। इस कारण पांगी-किलाड़ के करीब 55 और लाहौल के पांच लोग फंस गए। इनमें 22 महिलाएं और छह बच्चे भी शामिल हैं। जिला प्रशासन और पुलिस की टीम रात 12 बजे तक मूलिंग पुल में बीआरओ की टीम के साथ डटी रही। रात 12 बजे तक भी सड़क बहाल नहीं होने पर प्रशासन ने पुलिस की मदद से सभी यात्रियों को केलांग पहुंचाया, जहां रहने के साथ खाने की व्यवस्था की गई। इस पूरे अभियान में सहायक आयुक्त रोहित शर्मा, तहसीलदार नरेंद्र के साथ पुलिस, राजस्व विभाग और आपदा प्रबंधन की टीम ने बेहतरीन कार्य किया।
हालांकि, रात को बीआरओ की तरफ से प्रशासन को कहा गया कि बुधवार सुबह आठ बजे बर्फ हटाने का काम शुरू किया जाएगा, लेकिन दोपहर एक बजे तक बीआरओ को कोई मशीन मूलिंग पुल नहीं पहुंच पाई। बाद में बीआरओ के कमांडर ने तत्काल मशीनों को तैनात करने को कहा। उसके बाद करीब दो बजे सड़क मार्ग को बहाल किया गया। कमांडर ने अपने अधीनस्थ अधिकारियों तत्काल मार्ग बहाल करने का आदेश दिया। उधर, पूरी रात रेस्क्यू अभियान में डटे तहसीलदार नरेंद्र ने बताया कि कार्यकारी उपायुक्त प्रिया नागटा के निर्देश पर सहायक आयुक्त रोहित शर्मा, पुलिस विभाग और आपदा प्रबंधन की टीम रात 12 बजे तक मूलिंग पुल में डटे रहे। कहा कि फंसे सभी 60 यात्रियों को केलांग में रेस्ट हाउस में ठहराया गया और सभी के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। पुलिस अधीक्षक लाहौल-स्पीति मावन वर्मा ने कहा कि बुधवार दोपहर दो बजे सभी लोगों को मनाली की तरफ रवाना किया गया।