हिमाचल ने ‘पुष्प क्रांति योजना’ के लिए केंद्र से मांगे 150 करोड़
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सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य तथा बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह से मुलाकात की। उन्होंने ‘हिमाचल पुष्प क्रांति योजना’ के कार्यान्वयन के लिए आगामी पांच वर्षों के लिए 150 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान करने का आग्रह किया।
इसके अलावा बागवानी क्षेत्र के समावेशी विकास के लिए विभिन्न परियोजना प्रस्तावों के लिए 120 करोड़ रुपये प्रदान करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने आगामी पांच वर्षों के दौरान फूलों की संरक्षित खेती के लिए ‘पुष्प क्रांति योजना’ की कल्पना की है।
फूलों की संरक्षित खेती न केवल किसानों को मौसम की अनिश्चितताओं, बंदरों के खतरे और जंगली जानवरों से सुरक्षा प्रदान करेगी, बल्कि राज्य के पढ़े-लिखे बेरोजगार युवाओं को बेहतर आजीविका के लिए पर्याप्त अवसर भी प्रदान करेगी।
मधुमक्खी पालन के लिए ये परियोजना
महेंद्र सिंह ने कहा कि बागवानी विभाग ने विभिन्न विस्तृत परियोजना प्रस्ताव तैयार किए हैं, जिनमें एकीकृत बागवानी विकास मिशन के अंतर्गत 23.06 करोड़ रुपये की लागत से फल फसलों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए राज्य के फल क्षेत्रों में ओला नियंत्रण प्रणाली स्थापित करना तथा राज्य में जैविक कृषि को बढ़ावा
देने के लिए अगले तीन साल के लिए 60 करोड़ रुपये की ‘परंपरागत कृषि विकास परियोजना’ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण युवाओं को पूर्ण रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए राज्य में मधुमक्खी पालन गतिविधियों के विकास के लिए राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड के अंतर्गत 15.11 करोड़ रुपये की एक परियोजना तैयार की गई है।
केंद्रीय मंत्री ये किया ये अनुरोध
उन्होंने मंत्रालय से इन परियोजनाओं को शीघ्र मंजूरी प्रदान करने का आग्रह किया। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री ने समेकित बागवानी विकास मिशन के तहत पिछले वर्ष की लंबित देनदारियों के लिए 60.31 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की भी मांग की।
केंद्रीय मंत्री ने बागवानी मंत्री की मांगों को सुना और आश्वासन दिया कि सभी परियोजनाओं पर शीघ्र विचार किया जाएगा तथा हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।