खर्चीले रिवाज से मुक्ति के लिए होगी महापंचायत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल प्रदेश में पहला मौका है कि जब कोई महापंचायत पुराने व खर्चीले रीति रिवाजों को खत्म करने के लिए बुलाई जा रही है।
इसके लिए सिरमौर जिला के गिरिपार क्षेत्र में हिमाचल और उत्तराखंड के करीब पौने तीन सौ गांव महापंचायत करेंगे।
ट्रांसगिरि भाट ब्राह्मण कल्याण समिति की महापंचायत ग्वाली पंचायत के भंगाठा गांव में आयोजित की जाएगी। यह महापंचायत 20 सितंबर को होगी।
सामाजिक कुरीतियों को खत्म करने की अनूठी पहल
इसमें लाधी महल के 56 गांव, तोड़भोज एवं जेलभोज के 30 गांवों के अलावा मस्तभोज घणद्वार और पांशी-आंजभोज के कुल 42 गांव हिस्सा लेंगे। इसके अलावा भी जिला शिमला तथा बाबर जौनसार को मिलाकर 142 गावों के लोग इस महासभा में भाग लेंगे।
समिति के अध्यक्ष खदराई आत्माराम शर्मा ने बताया कि इस महापंचायत में क्षेत्र और सामाजिक स्तर पर बढ़ रही कुरीतियों और खर्चीले रीति-रिवाजों पर अंकुश लगाए जाने पर मंथन किया जाएगा।
ट्रांसगिरि क्षेत्र में शादी-ब्याह में मामा की धाम, शराब परोसने जैसी खर्चीले रीति रिवाजों को त्यागने का कदम उठाया जाएगा।