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पेयजल आपूर्ति गड़बड़झाला: ठियोग में हुई महापंचायत, दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की उठाई मांग
Tue, 21 Jan 2025 04:48 PM IST
Krishan Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, ठियोग(रामपुर बुशहर)
संवाद न्यूज एजेंसी, ठियोग(रामपुर बुशहर)
Published by: Krishan Singh
Updated Tue, 21 Jan 2025 04:48 PM IST
सार
शिमला जिले के ठियोग में हुए जल वितरण घोटाले के दोषियों के खिलाफ जल्द मामला दर्ज करने और पंचायतों में पानी की कमी को लेकर महापंचायत आयोजित की गई।
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ठियोग में हुई महापंचायत
- फोटो : संवाद
विस्तार
ठियोग (रामपुर बुशहर)। ठियोग के विश्राम गृह प्रांगण में जल वितरण घोटाले के विरोध में मंगलवार को महापंचायत हुई, जिसमें जल संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी, पंचायतों के प्रतिनिधि, ग्रामीण और राजनीतिक दलों के नेता मौजूद रहे। महापंचायत में जल घोटाले के दोषियों के खिलाफ जल्द मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई गई। इस दौरान जल संघर्ष मोर्चा के नेतृत्व में क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने जल घोटाले के विरोध में विश्राम गृह से लेकर एसडीएम कार्यालय तक जुलूस निकाला और एसडीएम ठियोग को ज्ञापन सौंपा।
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महापंचायत को मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य और प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी दिवंगत सूरत राम प्रकाश के पुत्र राजेंद्र राजन ने संबोधित किया। उन्होंने ठियोग के विधायक, जन प्रतिनिधियों और आम लोगों को ठियोग की दुर्दशा के लिए दोषी ठहराते हुए युवाओं से व्यवस्था बदलने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी ठियोग में आकर जनता और उनकी समस्याओं से सरोकार नहीं रखते, उन्हें जनता ही ठीक कर सकती है।
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इस बात पर दुख जताया कि आजादी के 75 साल बाद भी लोगों को पानी जैसी मूलभूत सुविधा के लिए तरसना पड़ रहा है और पानी के भी घोटाले हो रहे हैं। भाजपा नेता अजय श्याम ने विजिलेंस से ठियोग में हुए जल घोटाले में तुरंत एफआईआर दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि आपदा के तहत केंद्र से 90 प्रतिशत पैसा आता है और ठियोग में गर्मियों में जल वितरण का पैसा भी केंद्र से आया था, जिसमें घोटाला हुआ। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर घोटाले में एफआईआर दर्ज नहीं हुई, तो उच्च न्यायालय जाएंगे और केंद्र से दोषियों के विरुद्ध ईडी की जांच की मांग की जाएगी।
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पंचायत समिति ठियोग के उपाध्यक्ष योगेश दत्त ने ठियोग में पानी, सड़क, अस्पताल आदि में अव्यवस्था पर चिंता जताई और कहा कि अधिकारी समिति की बैठकों से नदारद रहते हैं। उन्होंने कहा कि ठियोग में अस्पताल भवन, छात्रावास, बस स्टैंड, सीवरेज से लेकर पानी वितरण तक में घोटाला है। मोर्चा के वरिष्ठ सदस्य अशोक भारद्वाज ने कहा कि यह मोर्चा सभी विभागों की गतिविधियों पर नजर रखेगा। चेतराम शर्मा ने कहा कि सबसे अधिक दोष अधिकारियों का है। वहीं मोर्चा के संयोजक संदीप वर्मा ने कहा कि पानी की समस्या बड़ी और पुरानी है। मोर्चा इसे हल करवाकर रहेगा।
उन्होंने आरोप लगाया की यह घोटाला सरकार की लापरवाही, अधिकारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से हुआ है। उन्होंने कहा कि ठियोग में हर विभाग की निगरानी मोर्चा करेगा। सभी पंचायतों से पानी वितरण की स्थिति का ब्योरा एकत्रित कर अधिकारियों से बैठक कर उसका निराकरण करवाया जाएगा। विभाग को 15 दिन का समय दिया। इसमें वह घोटाले की एफआईआर और व्यवस्था को दुरुस्त करे। हर योजना का निरीक्षण करने और हर गांव से एक-एक व्यक्ति को जानकारी लाने का भी आह्वान उन्होंने किया। महापंचायत में जल संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी, व्यापार मंडल के प्रधान अजय ठाकुर, महेंद्र वर्मा, सुरेश वर्मा, पूजा कंवर, संजीव वर्मा सहित कई ग्रामीणों ने भाग लिया।