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अधूरी तैयारियों के चलते उपभोक्ताओं के बैंक खाते में रसोई गैस की सब्सिडी रकम सीधे भेजने की योजना में अड़ंगा पड़ गया है। संशोधित डीबीटीएल योजना के तहत बिना आधार कार्ड वाले उपभोक्ताओं के कंज्यूमर नंबर को उनके खाते से लिंक अप कराने में बैंकों ने हाथ खड़े कर लिए हैं।
आधार कार्ड वाले कंज्यूमर को लिंकअप करने के लिए कई बैंकों के साफ्टवेयर अभी अपडेट नहीं हैं। ऐसे में आधार कार्ड न बनवा पाने वाले घरेलू गैस उपभोक्ताओं का कंज्यूमर नंबर उनके बैंक खाते से लिंकअप कराने का कार्य बैंक स्तर पर फिलहाल ठप है।
बैंक में लिंकेज करवाने के लिए बनाए सॉफ्टवेयर से आधार कार्ड धारक उपभोक्ता के बैंक खातों को सब्सिडी राशि के लिए कंज्यूमर नंबर से लिंक अप कराने का कार्य होता है।
गैस एजेंसी में जाकर करवाएं लिंक
संशोधित डीबीटीएल योजना के लीड डिस्ट्रिक्ट मैनेजर करतार सिंह ने बताया है कि कुछ बैंकों में इस तरह की समस्याएं सामने आई हैं। इसका समाधान तलाशा जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं के पास आधार कार्ड नहीं हैं, ऐसे उपभोक्ता गैस एजेंसी में जाकर अपना बैंक खाता नंबर दे सकते हैं। इस प्रक्रिया से भी लिंकेज हो जाएगी।
पहला नंबर देगा कंपनी की जानकारी
घरेलू एलपीजी सिलेंडरों पर सब्सिडी पाने के लिए आधार कार्ड न बनवा पाने वाले उपभोक्ताओं को खाता लिंक अप कराते समय 16 की जगह 17 नंबरों का कंज्यूमर नंबर फार्म पर दर्ज करना होगा। इसका पहला नंबर एलपीजी आपूर्ति से जुड़ी तेल कंपनियों के बारे में जानकारी देगा।
ये औपचारिकताएं करनी होंगी पूरी
इसके लिए इंडेन कंपनी के कस्टमरों को अपने 16 नंबर के कंज्यूमर नंबर के आगे 1, एचपी से जुड़े कस्टमरों को 2 और बीपी कंपनी से जुड़े कस्टमरों को 3 का अंक फार्म में दर्ज करना अनिवार्य होगा।
बैंक से खाते के बारे में लिखवाकर लाएं
वहीं, स्थानीय गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं के पास आधार कार्ड नहीं हैं। उन्हें लिकेंज करवाने के लिए अपने बैंक से सत्यापित कागज लाना होगा कि उनका खाता उस बैंक में है। ऐसा करने से गैस एजेंसी में लिकेंज हो जाएगी।