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पहले मुफ्त घर देने का वादा, अब मांग रहे 3.25 लाख रुपये

Wed, 31 May 2017 10:09 AM IST
प्रवीण कुमार/अमर उजाला, हमीरपुर
प्रवीण कुमार/अमर उजाला, हमीरपुर Updated Wed, 31 May 2017 10:09 AM IST
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Loophole in Integrated Housing and Slum Development Programme

शहर में स्लम क्षेत्र के भूमिहीन परिवारों को मुफ्त घर मिलने की उम्मीद टूटने लगी है। कारण, जिस घर को सरकार ने मुफ्त देने का वादा किया था, अब इसके सवा तीन लाख रुपये मांगे जा रहे हैं। हिमाचल के जिला हमीरपुर में ऐसे 72 फ्लैट तैयार हैं, जिनकी कीमत बढ़ने से आवंटन नहीं हो पाया है।

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पांच साल पहले बने इन भवनों पर धूल जम गई है। 63 लोगों ने फ्लैट लेने के लिए आवेदन भी किया है लेकिन कीमत ज्यादा तय करने के चलते वे इन्हें लेने में असमर्थ हैं। 2005 में केंद्र सरकार ने इंटिग्रेटिड हाउसिंग एंड स्लम डेवलपमेंट प्रोग्राम (आईएचएसडीपी) लांच किया था। इस स्कीम के तहत शहरी क्षेत्र में भूमिहीन परिवारों के लिए मकान बनाकर देने की योजना थी।
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नगर परिषद हमीरपुर को इस योजना के तहत केंद्र से साढ़े चार करोड़ रुपये का बजट मिला। 2007 में इस योजना के तहत हथली खड्ड के समीप मकानों का निर्माण कार्य शुरू हुआ। 152 फ्लैटों का निर्माण होना था। नगर परिषद ने इन भवनों का निर्माण कार्य हिमुडा को सौंपा। 2012 में शहर में हिमुडा ने 72 फ्लैट बनाकर नगर परिषद को सौंप दिए।
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बाकी फ्लैट जमीन न मिलने से नहीं बन सके। नगर परिषद कार्यालय में 100 निर्धन परिवारों ने फ्लैट लेने के लिए नगर परिषद कार्यालय में आवेदन किया। आवेदन के समय बताया गया कि ये फ्लैट निर्धन परिवारों को बिल्कुल फ्री मिलेंगे। बाद में नगर परिषद ने 25 हजार रुपये में फ्लैट देने की बात कही।

इसके बाद नगर परिषद ने दोबारा आवंटन शर्तों में बदलाव कर 3.25 लाख रुपये फ्लैट की शर्त लगा दी। निर्धन परिवारों का कहना है कि उनके पास इतनी धनराशि नहीं है। इसके चलते बीते पांच सालों से फ्लैटों का आवंटन लटका हुआ है। आवेदन करने वाले परिवार पहले की भांति किराये के भवनों में रहने को मजबूर हैं।

फ्लैट लेने के लिए ये हैं पात्रता शर्तें
फ्लैट पाने के लिए आवेदनकर्ता शहरी क्षेत्र का निवासी होना चाहिए। परिवार की सालाना आय सभी स्रोतों से तीन लाख से कम और परिवार के नाम पर देश में कहीं भी भूमि न होने की शर्त है। शहरी क्षेत्र में राशन कार्ड और वोटर कार्ड होना भी अनिवार्य है। इन सब शर्तों को पूरा करने वाले परिवारों से शपथ पत्र लिया गया।

क्या कहते हैं अधिकारी
नगर परिषद हमीरपुर के उपाध्यक्ष दीप कुमार बजाज ने कहा कि केंद्र से मिले साढ़े चार करोड़ रुपये से हथली खड्ड में 72 फ्लैट बनाए हैं। पहले फ्लैट फ्री में देने की बात हुई थी। धूमल सरकार ने 25 हजार रुपये में फ्लैट देने की घोषणा की लेकिन, सरकार के बदलते ही अब फ्लैट की कीमत 3.25 लाख रुपये तय की गई है।

152 फ्लैट बनाने की थी योजना 
हिमुडा के एसडीओ ई. अनिल सूद ने कहा कि शहर में भूमिहीन परिवारों के लिए 152 फ्लैट बनने थे। हिमुडा ने शहर में 72 फ्लैट का निर्माण करवाया है। शेष फ्लैट जमीन न मिलने से नहीं बन सके।

क्या कहते हैं आवेदन करने वाले परिवार
उर्मिला देवी पत्नी स्वर्गीय सुरेश कुमार, मनोहर लाल पुत्र राम सिंह, शांतनू पुत्र मृणाल चौधरी और नसीब चंद पुत्र बाबू राम का कहना है कि वर्ष 2008 में शहर में भूमिहीन परिवारों के लिए मकानों का निर्माण हुआ है। उस वक्त उन्हें बताया गया कि यह मकान निशुल्क बनेंगे।

बाद में प्रेम कुमार धूमल के नेतृत्व में सरकार बनी और कहा गया कि 25 हजार रुपये में एक फ्लैट मिलेगा। अब 3.25 लाख की मांग की जा रही है। इन परिवारों का कहना है कि वह किराये के मकानों में रहने वाले हैं, महंगाई के इस दौर में इतनी बड़ी रकम की व्यवस्था नहीं हो रही है।


कीमत बढ़ने से आवेदनकर्ता नहीं ले रहे मकान  
नगर परिषद हमीरपुर के ईओ विनोद शर्मा ने कहा कि हथली खड्ड के समीप 72 फ्लैटों का पांच साल पूर्व निर्माण हुआ है। मकानों के लिए लोगों के आवेदन आए हैं। कीमत बढ़ने से आवेदन करने वाले परिवार मकान खरीदने से इंकार कर रहे हैं।

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