विशेष बातचीत: मनीष गर्ग बोले-हिमाचल में मतदान का अपना ही रिकॉर्ड तोड़ने का लक्ष्य
तीन दिन बाद पहली जून को प्रदेश में लोकसभा की चार सीटों पर चुनाव और 6 विधानसभा हलकों में उपचुनावों के लिए मतदान होना है।
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लोकसभा चुनावों के लिए प्रदेश में मतदान का काउंटडाउन शुरू हो गया है। तीन दिन बाद पहली जून को प्रदेश में लोकसभा की चार सीटों पर चुनाव और 6 विधानसभा हलकों में उपचुनावों के लिए मतदान होना है। राज्य निर्वाचन विभाग ने मतदान के लिए तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता रखने के लिए केंद्रीय बलों से लेकर प्रदेश पुलिस तथा होमगार्ड जवानों की तैनाती की जा रही है। आचार संहिता का पालन करवाने और उल्लंघन रोकने के लिए पर्यवेक्षकों की टीमें सक्रिय हो गई हैं। इन्हीं सब तैयारियों और अंतिम दौर की कवायद के बीच विश्वास भारद्वाज ने प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग से बातचीत की। पेश हैं कुछ अंश...
पिछले चुनावों में 72.42 फीसदी मतदान हुआ, इस बार क्या लक्ष्य है?
1 जून को मतदान के लिए निर्वाचन विभाग कितना तैयार है?
सुरक्षा की दृष्टि से केंद्रीय बलों, पुलिस और होमगार्ड के कितने जवान सेवाएं देंगे?
क्या प्रदेश में कहीं मतदाता चुनाव का बहिष्कार भी कर रहे हैं?
1 जून के लिए मतदाताओं से आपकी क्या अपील है?
मतदान बढ़ाने के लिए इस बार कौन से नए प्रयास किए गए हैं?
2019 के लोकसभा चुनावों में 72.42 फीसदी मतदान हुआ जबकि 2022 के विधानसभा चुनावों में मतदान प्रतिशत 76 फीसदी तक पहुंच गया। इन चुनावों में प्रदेश के मतदाताओं के सहयोग से विधानसभा चुनावों का रिकाॅर्ड तोड़ना है। हर मतदाता वोट करे, इसके लिए विशेष प्रयास किए हैं। प्रयास है कोई भी मतदाता मतदान से न चूके।
मतदान के लिए अधिकतर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। प्रदेश में 7,992 मतदान केंद्रों पर पोलिंग टीमें रवाना करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बुधवार को तीसरे चरण की रिहर्सल करवाई जाएगी और पोलिंग पार्टियों के सभी संशय दूर किए जाएंगे। ईवीएम और वीवीपैट मशीनें तैयार हैं, मतदाता सूचियां तैयार कर दी गई हैं।
निष्पक्ष और शांतिप्रिय मतदान के लिए केंद्रीय सुरक्षा बलों की 70 कंपनियां प्रदेश में पहुंच चुकी हैं और इन्हें तैनाती दे दी गई है। सभी मतदान केंद्रों पर होमगार्ड के जवानों के अलावा एक-एक पुलिस कर्मी की तैनाती रहेगी। लोकसभा चुनावों और विधानसभा उप चुनावों के लिए निर्वाचन के दौरान पूरे प्रदेश में 20 से 25 हजार सुरक्षा कर्मी सेवाएं देंगे।
मतदान के बहिष्कार की कोई सूचना नहीं है। अगर पूर्व में ऐसी कोई घटनाएं सामने आई भी हैं तो संबंधित डीसी और एसडीएम ने निजी तौर पर लोगों से बात की है कि मतदान का बहिष्कार न करें। मतदान करने से ही आपकी आवाज, आपकी राय गंभीरता से ली जाएगी। मतदान का बहिष्कार करने से कोई लाभ नहीं होगा, इसलिए मतदान अवश्य करें।
सभी हिमाचलवासी एक जून को बड़ी संख्या में आकर अपने मत का प्रयोग अवश्य करें। अपने क्षेत्र के उम्मीदवार की जानकारी के लिए केवाईसी एप और पोलिंग बूथ की जानकारी के लिए वोटर हेल्पलाइन एप का इस्तेमाल करें। हमारा पूरा प्रयास है कि मतदान केंद्र पर आपको किसी असुविधा का सामना न करना पड़े। हमें मिलकर अपना ही पुराना रिकाॅर्ड तोड़ना है।
पहली बार यूथ पोलिंग स्टेशन बनाए हैं। दूरदराज के क्षेत्रों में युवा मतदान कर्मियों की सेवाएं ली जाएंगी। पोस्टल बैलेट सिस्टम बदला है। डाक के स्थान पर मतदान केंद्र या डिस्पैच सेंटर से वोट डाले जा रहे हैं। इसके लिए एक पोर्टल भी बनाया गया है। मतदान सूचियों के निरीक्षण के लिए 6 महीने पहले से ही हाईटेक अभियान चल रहा है।
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