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सिंघी ने एकदम नहीं लिया भाजपा में जाने का फैसला, जानिए वजह
Sun, 28 Apr 2019 12:42 PM IST
अरविन्द ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 28 Apr 2019 12:42 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस के पूर्व मंत्री सिंघी राम ने भाजपा को ज्वाइन करने का फैसला एकाएक लिया हो, ऐसा नहीं है। कांग्रेस में अनदेखी के शिकार सिंघी राम को भाजपा में मिलाने की कवायद लंबे वक्त से चल रही थी। सिंघी के विवादित विदेश दौरे की हाल ही में जयराम सरकार ने रिकवरी राशि घटा दी थी।
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जयराम सरकार के एक कैबिनेट मंत्री से सिंघी राम पहले से ही संपर्क में थे। कुछ दिन पहले ही सुखराम परिवार और सुरेश चंदेल के कांग्रेस में जाने के झटके सह चुकी भाजपा को भी कांग्रेस पर चोट करने का यह एक मौका मिला। बेशक घाटा-नफा जितना मर्जी हो।
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हाल ही में जयराम सरकार ने सिंघी राम से बगैर अनुमति के विदेश दौरे के दौरान की रिकवरी राशि को साढे़ तीन लाख से घटाकर लगभग 75 हजार रुपये कर दिया था। सरकारी खर्च पर करीब 12 साल पहले तीन देशों जर्मनी, इटली और दुबई के दौरे पर गए तत्कालीन बागवानी मंत्री सिंघी राम को एचपीएमसी के अधिकारियों ने अलग-अलग रिकवरी नोटिस दिए थे। ये 76,990 रुपये और 3,64,965 रुपये के थे।
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पहले सरकार ने इन रिकवरी दावों पर ही जांच बैठाई, उसके बाद रिकवरी राशि को घटा दिया। सिंघी राम ने बागवानी मंत्री महेंद्र सिंह के पास जाकर भी यह राहत मांगी थी। यही नहीं, सिंघी राम की सहूलियत के लिए रिकवरी को किश्तों में ही करने का भी फैसला लिया गया। माना जा रहा है कि इसी बीच सिंघी राम भाजपा में प्रवेश करने की भी तैयारी कर चुके थे