17 में से सिर्फ 3 प्रत्याशी पहुंचे प्रचार के लिए लाहौल
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17 मई को पांच बजे देश में चुनाव प्रचार का शोरगुल थम जाएगा, लेकिन मंडी संसदीय क्षेत्र में चुनाव मैदान में उतरे 17 में से महज तीन प्रत्याशी ही चुनाव प्रचार के लिए लाहौल पहुंच पाए हैं। शेष 14 उम्मीदवारों ने अभी तक घाटी का रुख नहीं किया है। जिनमें भाजपा के मौजूदा सांसद रामस्वरूप शर्मा भी शामिल हैं।
रामस्वरूप शर्मा 2014 के लोकसभा चुनाव में भी प्रचार के लिए लाहौल नहीं पहुंच पाए थे। रोहतांग दर्रा बंद होने के कारण प्रत्याशियों को चुनाव प्रचार के लिए लाहौल पहुंचना आसान नहीं है। एक आजाद प्रत्याशी को प्रचार के बाद टनल से वापस जाते समय नॉर्थ पोर्टल में परमिशन के लिए करीब दो घंटे तक रुकना पड़ा। प्रचार के लिए कांग्रेस प्रत्याशी आश्रय शर्मा, आजाद प्रत्याशी बृज गोपाल और सुभाष मोहन स्नेही ही लाहौल पहुंच पाए हैं।
हालांकि भाजपा प्रत्याशी रामस्वरूप शर्मा ने सीएम जयराम ठाकुर के साथ प्रचार के लिए 11 मई को लाहौल आना था, लेकिन खराब मौसम के कारण सीएम का चॉपर लाहौल के लिए उड़ान नहीं भर सका। लिहाजा, दौरा रद्द करना पड़ा। अब शेष बचे 14 प्रत्याशियों के प्रचार के लिए लाहौल पहुंचने की उम्मीद कम है।
प्रत्याशियों के प्रचार के लिए लाहौल नहीं पहुंचने के पीछे रोहतांग दर्रा बंद होने के साथ कम मतदाताओं का होना माना जा रहा है। हालांकि दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों के स्थानीय नेता डोर टू डोर प्रचार कर रहे हैं। जिले में अभी तक हालात ऐसे हैं कि सर्दियों में हुई बर्फबारी के कारण लाहौल के कुछ मतदान केंद्रों को जाने वाले संपर्क सड़क मार्ग अभी भी बंद हैं।
जिला कांग्रेस प्रवक्ता अनिल सहगल का कहना है कि भाजपा प्रत्याशी को लाहौल के लोगों की वोट की जरूरत नहीं है। यही वजह है कि 2014 की तरह इस बार भी रामस्वरूप ने प्रचार के लिए घाटी का रुख करना जरूरी नही समझा। वहीं, जिला भाजपा के महासचिव शमशेर ने कहा कि 11 मई को रामस्वरूप ने सीएम जयराम के साथ प्रचार के लिए लाहौल आना था, लेकिन खराब मौसम के कारण दौरा रद्द करना पड़ा।
ऐसे में सीएम और सांसद ने टेलीफोन के जरिये चुनावी रैली को संबोधित किया था। मतदाता रमेश, कृष्ण, आकाश, निर्मल और कुलजीत का कहना है कि लाहौल में कम मतदाताओं के कारण राजनीतिक दल घाटी की अनदेखी करते आए हैं।