आचार संहिता की सारी सीमाएं लांघते रहे मुकेश: भाजपा
प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रो. राम कुमार ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री का सरकार पर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाना हास्यास्पद और तथ्यों से परे है।
कहा कि लगता है मुकेश अग्निहोत्री को अपने पुराने दिन याद आ रहे हैं, जब 2014 के लोकसभा चुनाव के समय प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और वह स्वयं आदर्श चुनाव आचार संहिता की सारी सीमाएं लांघते थे।
रही बात भाजपा की ओर से वरिष्ठ और बुजुर्ग नेताओं के सम्मान की तो कांग्रेस नेता को पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए। हरोली और प्रदेश की जनता यह सब जानती है कि 2003 में मुकेश अग्निहोत्री किस बुजुर्ग नेता का टिकट कटवाकर विधायक बने थे। वह बुजुर्ग नेता उनके अपने पिताजी ही थे।
मुकेश ने पहले 2017-18 में एक विधायक के दायित्व को जानबूझकर नजरअंदाज करते हुए विधायक प्राथमिकता में किसी भी विकास कार्य की प्राथमिकता नहीं दी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के सहयोग से हरोली के लिए विकास कार्यों के लिए करोड़ों मंजूर हुए हैं, उन्हें रुकवाने के तमाम षड्यंत्र मुकेश रच रहे हैं।
मुकेश ने पिता का टिकट कटवा उन्हें भी घर बैठाया
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता शशि दत्त और प्रदेश मीडिया प्रभारी प्रवीण कुमार शर्मा ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने तो स्वयं अपने पिता ओंकार शर्मा का टिकट काटकर उन्हें घर बैठा दिया था।
इसलिए इससे संबंधित आरोप लगाने से पूर्व वह अपने गिरेबान में झांककर देखें। उन्होंने कहा कि वंशवाद के आधार पर चल रही इस कांग्रेस को जनता इस बार भी नकार देगी।
शशि दत्त और प्रवीण कुमार शर्मा ने कहा कि सरकारी तंत्र के दुरुपयोग पर नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के आरोप सही नहीं हैं। सत्ता में रहते हुए सरकारी तंत्र का जो दुरुपयोग कांग्रेस के नेता करते रहे हैं, उन्हीं कार्यों की उम्मीद वह भाजपा सरकार से भी लगाए बैठे हैं।
वह भूल रहे हैं कि भाजपा कार्यकर्ताओं और संसाधनों की दृष्टि से समर्थ पार्टी है। अपने समर्थ मीडिया सेल की बदौलत गत विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से सरकारी तंत्र के दुरुपयोग के बावजूद यह धूल चटा चुकी है। इस बार भी अपने प्रचार-प्रसार के लिए किसी भी तरह के सरकारी तंत्र की आवश्यकता नहीं है।