दसवीं से पीएचडी तक पढ़े-लिखे हैं चुनावी दंगल में उतरे ‘पहलवान’
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल में लोकसभा चुनाव की बिसात अब पूरी तरह से बिछ गई है। प्रत्याशियों के रूप में कांग्रेस और भाजपा के ‘मोहरे’ जनता के सामने हैं। देवभूमि की चारों सीटों पर दोनों प्रमुख दलों ने चुनावी दंगल में जो ‘पहलवान’ उतारे हैं, वे दसवीं से पीएचडी तक पढ़े-लिखे हैं। भाजपा के दो और कांग्रेस के तीन मौजूदा विधायक ताल ठोक रहे हैं। दो मौजूदा सांसद जबकि तीन मंत्री- पूर्व मंत्री भी मैदान में हैं। इनके अलावा तीन प्रत्याशी पहली बार लोकसभा का चुनाव लड़ रहे हैं, जिनमें दो विधायक भी शामिल हैं।
शिमला : दो पूर्व फौजियों में टक्कर
शिमला संसदीय सीट पर भाजपा ने सुरेश कश्यप को प्रत्याशी बनाया है। सुरेश कश्यप वायुसेना में सेवाएं दे चुके हैं। कांग्रेस प्रत्याशी कर्नल धनीराम शांडिल भी सेना में सेवाएं दे चुके हैं। ऐसे में दो पूर्व फौजियों के बीच शिमला में मुकाबला होगा।
भाजपा : सुरेश कश्यप
जन्म : 23 मार्च 1971, पपलाहन जिला सिरमौर
शिक्षा : लोक प्रशासन में एमफिल, अंग्रेजी और पर्यटन में पोस्ट ग्रेजुएट, पब्लिक रिलेशंस एंड कम्युनिकेशंस मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और बीएड
राजनीतिक सफर : पच्छाद में बीडीसी सदस्य रहे। 2012 में विधानसभा में चुनकर आए और 2017 में दूसरी बार भाजपा से विधायक बने।
कांग्रेस : धनी राम शांडिल
जन्म : 20 अक्तूबर 1940, कंडाघाट, जिला सोलन
शिक्षा : एमए, एमफिल और पीएचडी
राजनीतिक सफर : 1999 में हिमाचल विकास कांग्रेस पार्टी से पहली बार सांसद बने। 2004 मेें कांग्रेस से सांसद बने। साल 2012 के विधानसभा चुनाव में सोलन से विधायक बने और वीरभद्र सरकार में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री रहे। अभी भी सोलन से विधायक।
मंडी : दो ब्राह्मण मैदान में
मंडी में भाजपा ने मौजूदा सांसद राम स्वरूप शर्मा और कांग्रेस ने पंडित सुखराम के पोते आश्रय शर्मा को चुनाव मैदान में उतारा है। दोनों प्रत्याशी ब्राह्मण हैं। आश्रय भाजपा से टिकट न मिलने पर कांग्रेस में शामिल हुए हैं।
भाजपा : रामस्वरूप शर्मा
जन्म : 10 जून 1958, जोगिंद्रनगर का जलपाहर गांव, जिला मंडी
शिक्षा : दसवीं
राजनीतिक सफर : 2014 के लोकसभा चुनाव मेें पहली बार भाजपा सांसद बने। उन्हें इस बार दूसरी दफा टिकट मिला है। इससे पहले संगठन में लंबे वक्त तक काम करने का अनुभव।
कांग्रेस : आश्रय शर्मा
जन्म : 17 दिसंबर 1986, मंडी
शिक्षा : लंदन की क्लैफर्ड यूनिवर्सिटी से हॉस्पिटेलिटी एंड मैनेजमेंट में ग्रेजुएशन
राजनीतिक सफर : जनवरी 2017 से अक्तूबर 2017 तक कांग्रेस के प्रदेश सचिव पद पर रहे। पूर्व केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पंडित सुखराम के पोते और जयराम सरकार में कैबिनेट मंत्री अनिल शर्मा के बेटे हैं।
हमीरपुर : दो ठाकुरों के बीच मुकाबला
हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से भाजपा ने मौजूदा सांसद अनुराग ठाकुर पर चौथी बार दांव खेला है। कांग्रेस ने श्री नयनादेवी से विधायक रामलाल ठाकुर को उतारा है। रामलाल तीन बार सांसद का चुनाव लड़ चुके हैं।
भाजपा : अनुराग ठाकुर
जन्म : 24 अक्तूबर 1974, हमीरपुर
शिक्षा : बीए
राजनीतिक सफर : मई 2008 में उपचुनाव में हमीरपुर से भाजपा सांसद बने। इसके बाद लगातार दो बार लोस चुनाव जीत चुके हैं। भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष, बीसीसीआई प्रमुख जैसे बड़े पदों पर रह चुके हैं। वर्तमान में वह लोकसभा में मुख्य सचेतक हैं। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के बेटे हैं।
कांग्रेस : रामलाल ठाकुर
जन्म : 7 जून 1951, नम्होल का घियाल गांव, जिला बिलासपुर
शिक्षा : एलएलबी, पर्सनल मैनेजमेंट एंड लेबर वेलफेयर में पीजी डिप्लोमा
राजनीतिक सफर : एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के रास्ते हिमाचल की राजनीति में आए। पांचवीं बार विधायक बने हैं।
कांगड़ा : एसटी और ओबीसी आमने-सामने
पूर्व केंद्रीय मंत्री शांता कुमार की परंपरागत सीट कांगड़ा-चंबा से भाजपा ने पहली बार गद्दी समुदाय से प्रत्याशी उतारा है। भाजपा ने यहां से किशन कपूर जबकि कांग्रेस ने ओबीसी वर्ग से पवन काजल को प्रत्याशी बनाया है।
भाजपा : किशन कपूर
जन्म : 11 जून 1951, खनियारा, जिला कांगड़ा
शिक्षा : इंटरमीडिएट
राजनीतिक सफर : भाजपा से पहले भारतीय जनसंघ और जनता पार्टी से जुडे़ रहे। पांचवीं बार विधायक बन चुके हैं। जयराम सरकार में मौजूदा खाद्य आपूर्ति मंत्री हैं। इससे पहले धूमल सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं।
कांग्रेस : पवन काजल
जन्म : 6 मई 1974, सहौड़ा, जिला कांगड़ा
शिक्षा : जमा एक
राजनीतिक सफर : वह दूसरी बार के विधायक हैं। विधायक बनने से पूर्व वह दो बार जिला परिषद के सदस्य रह चुके हैं।