नाहन चौगान के लिए कांग्रेस ने आवेदन किया ही नहीं, पढ़ें पूरा मामला
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पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की ओर से डीसी सिरमौर को डरपोक बताने और नाहन चौगान को दस दिन के लिए बुक रखने के बयान पर आयोग की ओर से कराई गई जांच की रिपोर्ट में साफ किया गया है कि नाहन चौगान के लिए कांग्रेस ने आवेदन किया ही नहीं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने इस संबंध में चुनाव आयोग को सौंपी रिपोर्ट में बताया है कि एसडीएम नाहन के पास रैली कराने के लिए कुल 34 आवेदन आए थे, जिनमें से सभी को अनुमति दे दी गई।
12 मई के लिए भी सिर्फ भाजपा के मंडल अध्यक्ष दीनदयाल वर्मा की ओर से आवेदन किया गया था। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस दिन किसी अन्य दल ने आवेदन भी नहीं किया।
इसके अलावा नाहन नगर परिषद के अधिशासी अधिकारी ने भी बताया कि वर्मा ने 18 अप्रैल को ही रैली की मंजूरी की जानकारी दे दी थी। साथ ही एक दिन का टैक्स भी जमा कराया गया था। दोनों ही अधिकारियों से मिली जानकारी के बाद जिला निर्वाचन अधिकारी सिरमौर ने आरोपों को खारिज किया है।
पूर्व सीएम ने यह कहा था
बीते गुरुवार को वीरभद्र सिंह ने नाहन के बड़ा चौक में चुनावी जनसभा में कहा था कि वर्तमान सरकार और सिरमौर के डीसी डरपोक हैं। आरोप लगाया था कि सिरमौर का चौगान मैदान पिछले दस दिन से भाजपा नेता के लिए बुक कर रखा है।
कहा था कि इनका वश चले तो यह लिख डालें कि यह मैदान ताउम्र अमित शाह के लिए बुक है। वीरभद्र ने कहा कि प्रदेश में अफसरशाही हावी हो गई है। नौकरशाही को याद रखना चाहिए कि जब तक चांद है, रोशनी भी तभी तक होती है। उन्होंने यह तक कह दिया कि नई सरकार आएगी तो इसका हिसाब लिया जाएगा।