Lok Sabha Chunav: मंत्रियों में रोहित, भाजपा में बिंदल के क्षेत्र में सबसे अधिक मतदान
पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह के विधानसभा क्षेत्र कसुम्पटी में सबसे कम 61.33 फीसदी मतदान हुआ।
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लोकसभा चुनावों में सुक्खू सरकार के नौ मंत्रियों में सबसे अधिक 75.48 फीसदी मतदान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के हलके जुब्बल-कोटखाई में हुआ है। पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह के विधानसभा क्षेत्र कसुम्पटी में सबसे कम 61.33 फीसदी मतदान हुआ। मतदान प्रतिशत के मामले में घुमारवीं से विधायक तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी 71.60 फीसदी के साथ दूसरे और शिलाई विधानसभा क्षेत्र से उद्योग मंत्री हर्षवर्धन सिंह 70.99 फीसदी के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
मंडी लोकसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी लोनिवि मंत्री विक्रमादित्य सिंह के हलके शिमला ग्रामीण में 65.40 फीसदी मतदान हुआ जबकि स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल के विधानसभा क्षेत्र सोलन से 68.59 फीसदी मतदान हुआ। मंडी लोकसभा क्षेत्र के तहत बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी के विधानसभा क्षेत्र किन्नौर में 70.10 फीसदी मतदान हुआ है। कृषि मंत्री प्रो. चंद्र कुमार के विधानसभा क्षेत्र ज्वाली में 65 फीसदी जबकि युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादवेंद्र गोमा के विधानसभा क्षेत्र जयसिंहपुर में 62 फीसदी मतदान हुआ है।
नाहन में 78 प्रतिशत मतदान
भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल के विधानसभा क्षेत्र नाहन में सबसे अधिक 78 फीसदी मतदान हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने नाहन में जनसभा की थी। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह के गृहक्षेत्र रामपुर में 74.16 फीसदी और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के विधानसभा क्षेत्र सराज में 75 फीसदी मतदान हुआ। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के विधानसभा क्षेत्र नादौन में 72.01 फीसदी मतदान हुआ है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री के विधानसभा क्षेत्र हरोली में 70.01 फीसदी मतदान प्रतिशत रहा।
नतीजे आते ही भितरघात करने वाले नपेंगे
हिमाचल प्रदेश में चुनावी नतीजे आते ही भाजपा और कांग्रेस कई नेता और पदाधिकारी भितरघात करने के लिए नपेंगे। भाजपा और कांग्रेस दोनों पार्टियों के विरुद्ध काम करने वालों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। दोनों ही राजनीतिक दलों में नुकसान पहुंचाने वालों की सूचियां बनेंगी। इनमें से कई नेताओं और पदाधिकारियों का छह साल के लिए भी निष्कासन हो सकता है। हर चुनाव की तरह इस बार भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों में भितरघात होने की चर्चा है। कई सीटों पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पर्याप्त प्रचार नहीं किया तो कई स्थानों पर अंदरखाते मार की। कई नेता नाराजगी होने पर मनाने पर कहने के लिए तो मान गए, मगर उन्होंने वांछित प्रचार नहीं किया।
अगर उनके यहां वोट पक्ष में नहीं मिले तो यह उन पर कार्रवाई का आधार बन सकता है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता महेंद्र धर्माणी ने बताया कि पूर्व मंत्री रामलाल मारकंडा लाहौल स्पीति से पार्टी के आधिकारिक प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं और पूर्व प्रत्याशी राकेश चौधरी ने भी धर्मशाला में भाजपा प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ा है। ऐसे में उनके खिलाफ पहले ही कार्रवाई कर दी गई है। कोई और मामला सामने आता है तो पार्टी की ओर से इस पर विचार किया जाएगा। वहीं, कांग्रेस के राज्य उपाध्यक्ष नरेश चौहान का कहना है कि अभी तक भितरघात की शिकायतें तो सामने नहीं आई हैं। शिकायत मिली तो उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई पर विचार किया जाएगा। ब्यूरो