वीरभद्र, राठौर, मुकेश और प्रत्याशी तक नहीं बचा पाए अपने गढ़
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प्रदेश कांग्रेस के दिग्गज नेता पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, पार्टी प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री और पार्टी प्रत्याशी तक अपने गढ़ों को नहीं बचा पाए। इन नेताओं के हलकों में बंपर वोट डलने के बाद भी कांग्रेस के खाते में वोटों का संकट बना रहा। आखिर ऐसे क्यों हुआ, इस दिशा में नए सिरे से मंथन करने की जरूरत महसूस की जाने लगी है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की चारों सीटों में हुई हार ने यह भी साबित कर दिया है कि पार्टी नेताओं के प्रचार में भी खोट रहा है।
हैरानी की बात यह है कि लोकसभा चुनाव से पहले पार्टी के बागी नेताओं की घर वापसी की गई थी और माना जा रहा था कि कांग्रेस चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों के समक्ष कड़ी चुनौती रखेगी। चुनावी नतीजों ने कांग्रेस नेताओं की सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। कांग्रेस के सभी दिग्गज अपने विधानसभा क्षेत्र में बढ़त तक नहीं दिला पाए। दिग्गजों में गुटबाजी भी कांग्रेस प्रत्याशियों की हार का एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
कांग्रेस में आने के बाद पूर्व केंद्रीय संचार राज्य मंत्री सुखराम भले ही वीरभद्र सिंह के गले मिले थे परंतु कहीं न कहीं दोनों नेताओं के दिलों में दूरियां जरूर रहीं। दोनों नेताओं के दिलों में दूरियों के संकेत लोकसभा चुनाव के दौरान नेताओं के बयानों से स्पष्ट मिलते रहे। आया राम, गया राम जैसे बयानों से लोगों में कोई अच्छे संकेत नहीं गए। पार्टी में भितरघात भी लोकसभा चुनाव में चलता रहा। कई प्रत्याशियों ने हाईकमान के पास शिकायतें पहुंचाईं। कई मामलों में कड़े कदम उठाए गए परंतु जिस तरीके से पार्टी में डैमेज कंट्रोल चलाया जाना था, वह तरीके से नहीं चल पाया।
नाम विस क्षेत्र भाजपा की लीड
वीरभद्र सिंह अर्की 29,454
मुकेश अग्निहोत्री हरोली 14,921
कुलदीप राठौर ठियोग 17,310
कर्नल धनी राम शांडिल सोलन 16,188
आश्रय शर्मा मंडी 27,491
रामलाल ठाकुर नयनादेवी 10,833
पवन काजल कांगड़ा 23,583
कांग्रेस के स्टार प्रचारक भी आए मोदी सुनामी के लपेटे में
देश में लोकसभा चुनाव में चली मोदी लहर के बाद अबकी बार मोदी सुनामी में कांग्रेस के स्टार प्रचारक भी लपेट में आ गए हैं। चारों सीटों में कांग्रेस के स्टार प्रचारकों ने जबरदस्त तरीके से प्रचार के बाद भी सभी 68 विधानसभा सीटों में कांग्रेस की करारी हार है, जोकि आज तक का इतिहास बन गया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, नवजोत सिंह सिद्धू, पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, पार्टी की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल, सह प्रभारी गुरकीरत सिंह, पूर्व मंत्री गुलाम नबी आजाद और पार्टी प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर सहित कई नेता स्टार प्रचारक के रूप में प्रदेश के कोने-कोने में प्रचार करने हेलीकॉप्टर से घूमते रहे।
प्रदेश में दर्जनों रैलियां और चुनावी जनसभाएं तक कीं। कांग्रेस के इन स्टार प्रचारकों के साथ पार्टी के प्रत्याशी भी चुनाव प्रचार के दौरान दिन-रात एक करके खूब पसीना बहाते रहे। इसके बाद भी लोकसभा चुनाव में कांग्रेेस की चुनावी वैतरणी पार नहीं लग पाई। कांग्रेस के एक स्टार प्रचारक तो यहां तक दावा कर रहे थे कि जहां उन्होंने पार्टी का प्रचार किया है, वहां जीत तय है। इन स्टार प्रचारक का यह दावा भी लोकसभा चुनाव नतीजों ने खोखला साबित कर दिया है।