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भुट्टिको ने लिया फैसला, 300 कर्मचारियों-बुनकरों को मिलेगा वेतन
Wed, 08 Apr 2020 04:45 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू
अमर उजाला नेटवर्क, कुल्लू
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 08 Apr 2020 04:45 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विश्व में फैली महामारी कोरोना वायरस से लड़ने के लिए लोग अपना योगदान दे रहे हैं। कोविड-19 से सबसे ज्यादा मार कंपनियों में काम करने वाले कामगारों पर पड़ी है। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी ने सभी कंपनियों और फैक्टरी मालिकों से किसी भी कर्मचारी का वेतन न काटने की अपील की है। इसी कड़ी में देश-दुनिया में शॉल बनाने के लिए प्रसिद्ध कुल्लू जिला की भुट्टिको ने बड़ी पहल की है।
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भुट्टिको ने अपने सभी कर्मचारियों व बुनकरों को लॉकडाउन के दौरान पूरा वेतन देने की हामी भरी है। भुट्टिको की इस पहल का हर कोई स्वागत कर रहा है। भुट्टिको में 130 अधिकारी व कर्मचारी और करीब 200 बुनकर हैं जो भुट्टिको की फैक्टरी में सालों से काम कर रहे हैं। लॉकडाउन में इन कर्मचारियों व बुनकरों को किसी तरह की आर्थिक समस्या का सामना न करना पड़े, ऐसे में सभी को वेतन दिया जाएगा।
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भुट्टिको की सहकारी समिति ने वर्ष 2010-11 से अभी तक अपने कॉमन वेलफेयर कोष में जमा 12.34 लाख रुपये की राशि में से दस लाख की राशि राहत कोष में दी है। इसमें पांच लाख प्रधानमंत्री तथा पांच लाख रुपये की राशि मुख्यमंत्री रोहत कोष को एडीएम कुल्लू एसके पराशर के माध्यम से भेजी है। इस दौरान वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर भी वहां मौजूद थे।
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भुट्टिको के मैनेजर रमेश ठाकुर ने कहा कि भुट्टिको के अध्यक्ष पूर्व मंत्री सत्य प्रकाश ठाकुर की ओर से अन्नपूर्णा संस्था कुल्लू को को 10 हजार रुपये की राशि दी है। अन्नपूर्णा संस्था जरूरतमंदों को भोजन व राशन की सुविधा उपलब्ध करवा रही है। ठाकुर ने कहा कि लॉकडाउन की अवधि के कारण फैक्टरी के बुनकरों व कर्मचारियों के वेतन से सभा पर लगभग 35 लाख रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।