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अब ओवरहैंगिंग की तो दुकानों के लाइसेंस रद्द

Wed, 25 Nov 2015 10:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 25 Nov 2015 10:03 AM IST
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license of traders will be cancelled for encroachment in shimla.

राजधानी के बाजारों में ओवर हैंगिंग और अवैध तौर पर तहबाजारियों को बिठाने वाले दुकानदारों को नगर निगम ने दो दिन की मोहलत दी है। दो दिन बाद अगर मौके पर कोई दुकानदार दोषी पाया जाता है तो दुकान मालिक का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं दुकान मालिक पर प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों की अवमानना करने पर कार्रवाई भी होगी।

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नगर निगम शहर के बाजारों से अवैध तहबाजारियों और ओवर हैगिंग हटाने में नाकाम रहा है। निगम की टीमें बाजारों से इन्हें हटाती तो है लेकिन इनके बाजार से जाते ही फिर स्थिति पहले जैसी हो जाती है। हाल ही में प्रदेश हाईकोर्ट की सख्ती के असर से नगर निगम भी अछूता नहीं है।
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शिमला शहर में सबसे ज्यादा तहबाजारियों के अवैध कब्जे लोअर बाजार, राम बाजार, लिफ्ट, पंचायत घर के समीप सर्कुलर रोड , संजौली सहित कई उपनगरों में हैं। सबसे ज्यादा व्यस्त रहने वाले बाजारों में लोअर बाजार और राम बाजार शामिल है। यहां लोगों की सबसे ज्यादा आवाजाही रहती है।
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अवैध तहबाजारी दुकानों के आगे अपने छाबे लगा लेते हैं, इससे पहले से संकरी सड़क चलने के लिए और छोटी हो जाती है। सब्जी मंडी की ओर जाने वाली खाली सड़कों पर भी यह तहबाजारी कब्जा जमा बैठे हैं। इतना ही नहीं लोअर बाजार के शुरू में ही एक मिठाई की दुकान के आगे लोगों को बैठने के लिए दो बैंच लगा रखे हैं लेकिन इन बैंचों पर भी तहबाजारियों ने कब्जा कर लिया है।

इस पर अपने छाबे रखकर आराम से सामान बेच रहे हैं। शाम पांच बजे के बाद तो स्थिति और भी भयावह हो जाती है। इन्हें नगर निगम का जरा भी खौफ नहीं। इसके बाद इन्हें पूछने वाला भी कोई नहीं। कुछ दुकानदार अवैध तहबाजारियों को बढ़ावा देते हैं वह अपनी दुकान के आगे छाबा लगाने की अनुमति दे देते हैं इसकी एवज में तहबाजारी से पैसा लेते हैं।

इस तरह की अव्यवस्था पर प्रदेश उच्च न्यायालय ने कड़ा संज्ञान लिया था और नगर निगम को हालात सुधारने के आदेश जारी किए थे। शुरू में कुछ समय तक नगर निगम सक्रिय दिखा लेकिन अब स्थिति पहले सी हो गई है।

प्रदेश उच्च न्यायालय ने अदालत के आदेशों की अनुपालना न करने पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुल सचिव को सस्पेंड करने के आदेश दिए थे। अदालत के इस कड़े कदम के बाद सरकारी अफसर अब जैसे नींद से जागे।

अब वह प्रदेश उच्च न्यायालय के पुराने आदेशों को खंगाल रहे हैं और इस बात का विशेष ध्यान रख रहे हैं कि कहीं जाने अनजाने में अदालत के आदेशों की अवमानना न हो जाए। नगर निगम की यह कार्रवाई भी इसी से जोड़ कर देखी जा रही है।

शहर के व्यस्त बाजारों से ओवर हैंगिंग और अवैध तहबाजारियों को हटाने की कार्रवाई आज तक औपचारिक ही रही है। जब कभी टीम इन्हें हटाने के लिए लोअर बाजार या राम बाजार जाती है तो एक तरफ से वह कार्रवाई करते हैं तो दूसरी तरह फिर से यह अपनी दुकानें सजा लेते। इससे निपटने के लिए कभी कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई। पुलिस प्रशासन से भी मदद नहीं मांगी गई।

नगर निगम के आयुक्त पंकज राय ने कहा कि पहले भी तहबाजारियों को हटाया था। लेकिन त्यौहार सीजन आते ही यह फिर कब्जा जमाकर बैठ गए। इन्हें फिर हटाया जा रहा है। दो दिन बाद पुलिस की मदद से कार्रवाई होगी। मंगलवार को व्यापार मंडल के साथ बैठक कर इस मसले पर चरचा की गई।


इसमें व्यापारियों को हिदायत दी है कि वह दुकानों के आगे बढ़ाए गए छज्जे हटा लें तथा तहबाजारियों को न बिठाएं। कहा कि अगर इस पर अमल नहीं किया गया तो दो दिन बाद पूरे शहर की विडियोग्राफी की जाएगी साथ ही लाइसेंस रद्द किए जाएंगे।

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