घर के आंगन में खेल रहे मासूम को उठा ले गया तेंदुआ
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हिमाचल प्रदेश रामपुर की गौरा पंचायत में सोमवार शाम करीब साढ़े सात बजे तेंदुए ने एक मासूम पर हमला कर उसे बुरी तरह से जख्मी कर दिया है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में खौफ का माहौल है।
तेंदुआ मासूम बच्चे को घर से घसीटकर करीब 300 मीटर दूर ले गया। मासूम के परिजनों ने जैसे तैसे बच्चे को तेंदुए के चंगुल से छुड़ाया। मासूम को तेंदुए ने बुरी तरह से जख्मी कर दिया है।
गौरा पंचायत में देर सोमवार शाम को तेंदुआ छह वर्षीय आयुष पुत्र जयराम गांव धारगौरा को उस समय घसीट कर ले गया, जब वह अपने आंगन में खेल रहा था। तेंदुए ने आयुष पर हमला कर उसे घर से करीब 300 मीटर दूर खेत में पहुंचा दिया था।
परिजनों से जैसे तैसे बच्चे को तेंदुए के चंगुल से छुड़ाया। आयुष को तेंदुए के हमले में काफी चोटें आई हैं। रामपुर अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद आयुष को उपचार के लिए आईजीएमसी शिमला रेफर किया गया।
बंदेश के साहस से बची मासूम की जिंदगी
परिजनों के अनुसार हर दिन की तरह घर के आंगन में बच्चे खेल रहे थे। इस बीच अन्य बच्चे अपने-अपने घर चले गए थे और आंगन में आयुष ही था। आंगन के करीब आयुष का ताऊ बंदेश और उसका बेटा भी बातें कर रहे थे।
अचानक तेंदुए ने तेज रफ्तार के साथ आयुष पर हमला किया और उसे दबोच कर खेतों की ओर ले गया। बंदेश ने शोर मचाया और उसे और भागा जहां से आयुष को तेंदुआ ले गया था।
बंदेश ने साहस का परिचय देते हुए तेंदुए का पीछा किया और वह आयुष को तेंदुए के चंगुल से छुड़ाने में कामयाबी हासिल की। आयुष के सिर और पीठ में तेंदुए के नाखूनों के निशान थे।
परिजनों ने इसकी सूचना वन विभाग और पुलिस को भी दी। परिजनों ने यह आरोप लगाया कि उन्होंने फोन पर वन विभाग को सूचित कर दिया था, लेकिन वह अस्पताल लेट पहुंचे जिस कारण बच्चे को शिमला ले जाने के लिए देरी हुई।
वन विभाग के डीएफओ रामपुर अमित शर्मा ने कहा कि आयुष के परिजनों को 5 हजार की फौरी राहत दी गई है। तेंदुए को पकड़ने के लिए मुहिम तेज कर दी है। विभाग समय समय पर ग्रामीणों को जागरूक कर रहा है।