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Shimla News: मणिपुर में हुई जघन्य घटना के खिलाफ गरजे वामपंथी संगठन
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डीसी दफ्तर के बाहर लोगों ने किया विरोध प्रदर्शन
बोले, मणिपुर के सीएम की पक्षपात पूर्ण कार्यवाही से स्थिति भयावह
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी शिमला के उपायुक्त कार्यालय के बाहर मंगलवार दोपहर बाद मणिपुर में हुई जघन्य घटना के खिलाफ वामपंथी संगठनों ने प्रदर्शन किया। हजारों की तादाद में वामपंथी संगठन से जुड़े लोग यहां इकट्ठा हुए थे।
माकपा के पूर्व विधायक राकेश सिंघा, पूर्व महापौर संजय चौहान, सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा और अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य सचिव फालमा चौहान ने कहा कि मणिपुर में जो हिंसा चल रही है उसमें सरकार हस्तक्षेप कर तत्काल कार्रवाई अमल में लाए। दोपहर एक बजे के करीब उपायुक्त कार्यालय के बाहर जनवादी महिला समिति, सीटू, हिमाचल किसान सभा, एसएफआई, डीवाईएफआई, दलित शोषण मुक्ति मंच और यंग वुमन क्रीश्चियन एसोसिएशन संस्था के सदस्यों ने हाथों में बैनर लेकर नारेबाजी की। पूर्व विधायक राकेश सिंघा, पूर्व महापौर संजय चौहान और किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह तंवर ने कहा कि 86 दिन से मणिपुर में हिंसा जारी है। हिंसा में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। 70 हजार लोग बेघर हो गए हैं।
भाजपा की प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह की संवेदनहीन तथा पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली के चलते स्थिति भयावह हो रही है। कहा कि मणिपुर सरकार की संवेदनहीन कार्यप्रणाली से यह हो रहा है। उन्होंने बताया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह बेहद लज्जाजनक घटना है। प्रदर्शन के बाद वामपंथी संगठनों ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को ज्ञापन भी भेजा। ज्ञापन के माध्यम से हिंसा पर तत्काल रोक लगाने और सांप्रदायिक सौहार्द को कायम करने की मांग की गई।
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प्रदर्शन में डॉ. ओंकार शाद, जगत राम, सत्यवान पुंडीर, ऋतु शर्मा, सरिता ठाकुर और बालक राम, अमर भाटिया, यंग वुमन क्रीश्चियन एसोसिएशन की अध्यक्ष विधुप्रिया चक्रवर्ती, उपाध्यक्ष शेफाली भारद्वाज, महासचिव रोहिणी सिंह, सुविधा देवी, लुईसा लिंग, रेणु सारा, सीमा, अनुराधा, रमन थारटा, अमित कुमार, सोनिया सब्रवाल, जयशिव ठाकुर, डॉ. राजेंद्र चौहान, संजीव खजुरिया, दलीप सिंह और रामप्रकाश मौजूद रहे।
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बोले, मणिपुर के सीएम की पक्षपात पूर्ण कार्यवाही से स्थिति भयावह
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी शिमला के उपायुक्त कार्यालय के बाहर मंगलवार दोपहर बाद मणिपुर में हुई जघन्य घटना के खिलाफ वामपंथी संगठनों ने प्रदर्शन किया। हजारों की तादाद में वामपंथी संगठन से जुड़े लोग यहां इकट्ठा हुए थे।
माकपा के पूर्व विधायक राकेश सिंघा, पूर्व महापौर संजय चौहान, सीटू प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा और अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की राज्य सचिव फालमा चौहान ने कहा कि मणिपुर में जो हिंसा चल रही है उसमें सरकार हस्तक्षेप कर तत्काल कार्रवाई अमल में लाए। दोपहर एक बजे के करीब उपायुक्त कार्यालय के बाहर जनवादी महिला समिति, सीटू, हिमाचल किसान सभा, एसएफआई, डीवाईएफआई, दलित शोषण मुक्ति मंच और यंग वुमन क्रीश्चियन एसोसिएशन संस्था के सदस्यों ने हाथों में बैनर लेकर नारेबाजी की। पूर्व विधायक राकेश सिंघा, पूर्व महापौर संजय चौहान और किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप सिंह तंवर ने कहा कि 86 दिन से मणिपुर में हिंसा जारी है। हिंसा में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है। 70 हजार लोग बेघर हो गए हैं।
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भाजपा की प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री एन बिरेन सिंह की संवेदनहीन तथा पक्षपातपूर्ण कार्यप्रणाली के चलते स्थिति भयावह हो रही है। कहा कि मणिपुर सरकार की संवेदनहीन कार्यप्रणाली से यह हो रहा है। उन्होंने बताया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में यह बेहद लज्जाजनक घटना है। प्रदर्शन के बाद वामपंथी संगठनों ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को ज्ञापन भी भेजा। ज्ञापन के माध्यम से हिंसा पर तत्काल रोक लगाने और सांप्रदायिक सौहार्द को कायम करने की मांग की गई।
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प्रदर्शन में डॉ. ओंकार शाद, जगत राम, सत्यवान पुंडीर, ऋतु शर्मा, सरिता ठाकुर और बालक राम, अमर भाटिया, यंग वुमन क्रीश्चियन एसोसिएशन की अध्यक्ष विधुप्रिया चक्रवर्ती, उपाध्यक्ष शेफाली भारद्वाज, महासचिव रोहिणी सिंह, सुविधा देवी, लुईसा लिंग, रेणु सारा, सीमा, अनुराधा, रमन थारटा, अमित कुमार, सोनिया सब्रवाल, जयशिव ठाकुर, डॉ. राजेंद्र चौहान, संजीव खजुरिया, दलीप सिंह और रामप्रकाश मौजूद रहे।