फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   lectures on the subject of effective court management in dharamsala

यहां हुआ अदालतों में लंबित मामले कम करने पर मंथन

Sun, 22 Apr 2018 09:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला
अमर उजाला ब्यूरो, धर्मशाला Updated Sun, 22 Apr 2018 09:16 AM IST
विज्ञापन
lectures on the subject of effective court management in dharamsala

प्रभावी न्यायालय प्रबंधन विषय पर धर्मशाला में व्याख्यानमाला का आयोजन हुआ। सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता ने कहा कि न्यायिक अधिकारी संविधान की प्रस्तावना में निहित न्याय दर्शन को ध्यान में रखकर कार्य करें। 

विज्ञापन


इसके अलावा न्याय प्रणाली से जुड़े सभी अधिकारी सामाजिक न्याय सुलभ बनाने के लिए प्रयास करें। न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता ने धर्मशाला के डीआरडीए भवन में आयोजित व्याख्यान माला की दूसरी कड़ी में यह बात कही।
विज्ञापन


 व्याख्यानमाला का उद्देश्य अदालतों में लंबित मामलों का बैकलॉग कम करने व त्वरित न्याय दिलाने में सुधारों के लिए अपनाई जा सकने वाली प्रणाली से अवगत करवाना था। इस मौके पर प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल एवं न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी भी मौजूद रहे।

विज्ञापन
विज्ञापन

पब्लिक पोर्टल ‘राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड के उपयोग पर बल

lectures on the subject of effective court management in dharamsala

न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता ने न्यायिक अधिकारियों से लोगों को उनके अधिकारों के बारे में अवगत करवाने और उन्हें अधिकारों को प्राप्त करने के रास्ते सुझाने के लिए प्रयास करने को भी कहा।

उन्होंने पब्लिक पोर्टल ‘राष्ट्रीय न्यायिक डेटा ग्रिड’ (एनजेडीजी) के समुचित उपयोग पर बल दिया, ताकि लंबित मामलों की आसानी से निगरानी की जा सके। इस अवसर पर प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल ने न्यायिक दर्शन पर बात की और सभी को न्याय प्राप्त करने के समान अवसरों पर जोर दिया।

न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी ने न्यायालयों के प्रभावी प्रबंधन को लेकर अपने अनुभव साझा किए एवं सुझाव भी दिए। न्यायिक अकादमी के निदेशक चिराग भानु सिंह ने स्वागत भाषण दिया, जबकि न्यायिक अकादमी के उप निदेशक अविनाश चंद्र ने मुख्य अतिथि का धन्यवाद किया।

सचिव, सीनियर सिविल जज नेहा दहिया ने कार्यक्रम का संचालन किया। इस दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश कांगड़ा पुरेंद्र वैद्य सहित ऊना, हमीरपुर, मंडी, कुल्लू और लाहौल-स्पीति जिलों के सिविल और सत्र न्यायालयों के लगभग 73 न्यायिक अधिकारी उपस्थित थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed