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सिरमौर की पहली महिला मंत्री थीं श्यामा शर्मा, आपातकाल के दौरान काटी जेल

Tue, 22 Sep 2020 02:15 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, नाहन (सिरमौर)
अमर उजाला नेटवर्क, नाहन (सिरमौर) Published by: Krishan Singh Updated Tue, 22 Sep 2020 02:15 AM IST
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late Shyama Sharma was the first woman minister of Sirmaur, was jailed in emergency
पूर्व मंत्री श्यामा शर्मा (फाइल) - फोटो : अमर उजाला

मैं अपने हिस्से की लड़ाई स्वयं लड़ती हूं, हमेशा धारा के विरुद्ध लड़ने का सामर्थ्य रखती हूं...। इन्हीं शब्दों के इर्द-गिर्द पूर्व मंत्री श्यामा शर्मा का जीवन संघर्ष से भरा रहा। इमरजेंसी में कारावास भोगा तो देश के चर्चित जेपी आंदोलन के चलते एक वर्ष तक भूमिगत भी रहीं। मजदूरों और जरूरतमंदों के हक में आवाज बुलंद करने वाली श्यामा शर्मा आज खामोश हो गई हैं। वर्ष 1977 में उन्होंने पहला चुनाव जीता। तत्कालीन मुख्यमंत्री शांता कुमार की सरकार के दौरान वह पंचायत, खाद्य आपूर्ति एवं विधि मंत्री बनीं। पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज के साथ उनकी घनिष्ठ मित्रता रही। 

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श्यामा शर्मा ने 1975 में आपातकाल के दौरान केंद्र सरकार के खोदरी माजरी यमुना हाइड्रो प्रोजेक्ट में मजदूरों के शोषण के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। यहां बिना वेतन छह महीने तक मजदूरों से काम करवाया जाता था। श्यामा शर्मा ने इसके खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया। 1975 में जब सिरमौर पुलिस श्यामा शर्मा को पकड़ने खोदरी माजरी पहुंची तो उन्होंने उफनती हुई टोंस नदी को तैर कर पार कर लिया। वह उत्तराखंड के जोनसार बाबर पहुंच गईं। इसके बाद उन्हें एक वर्ष तक भूमिगत रहना पड़ा।
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जौनसार बाबर, दिल्ली और इलाहाबाद से मजदूरों के शोषण के प्रति आंदोलन को चलाए रखा। पिता की मृत्यु पर वह घर आई और सरकार ने उन पर मिसा और डीआईआर लगा दिया। मिसा के तहत वह कई दिनों तक लॉकअप में रहीं। वह एकमात्र महिला आंदोलनकारी थी। इसके बाद उन्हें सेंट्रल जेल नाहन भेजा गया। जेल में शांता कुमार, स्वर्गीय जगत सिंह नेगी, महेंद्र नाथ सोफत और मुन्नीलाल वर्मा के साथ वह कई दिनों तक रहीं। जेल में रह कर भी आंदोलन को चलाए रखा। श्यामा शर्मा 1977, 1982 और 1990 में तीन बार नाहन की विधायक और मंत्री रही।

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16 को मोदी को दी थी जन्मदिन की बधाई

एक साल तक जेल में रहने के बाद जब वह बाहर निकलीं तो पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के नेतृत्व में कन्याकुमारी से दिल्ली तक छह माह पैदल यात्रा की तथा लोगों की समस्याएं सुनी और उन्हें जागरूक किया। जनता दल के भाजपा में विलय के बाद तीन बार विधायक बनीं। सिरमौर से पहली महिला मंत्री बनने का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है। बदलती राजनीतिक परिस्थितियों के चलते हिमाचल में तीसरे विकल्प के रूप में हिलोपा का गठन हुआ। हालांकि वह इस बार चुनाव नहीं जीत पाई।

इसके बाद हिलोपा के विलय के बाद से वह भाजपा में ही थीं। पूर्व मंत्री श्यामा शर्मा ने 16 सितंबर को सोशल मीडिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई दी थी। उन्होंने लिखा भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं और ढेरों बधाई। उन्होंने मोदी के साथ की अपनी तस्वीरें भी साझा की। इसके बाद से उनकी कोई पोस्ट भी सोशल मीडिया पर नहीं आई। उनकी भाषा में जोरदार पकड़ थी।

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