स्वर कोकिला लता मंगेशकर का निधन: सीएम जयराम ने जताया शोक, शांता बोले- भारत की आवाज खो गई
सीएम जयराम ने सोशल मीडिया पर जारी बयान में कहा कि स्वर कोकिला, भारत रत्न लता मंगेशकर के निधन की खबर अत्यंत दुखद है। उनका जाना कला जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
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महान गायिका लता मंगेशकर के निधन से देशभर में गम का माहौल है। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, पूर्व सीएम शांता कुमार समेत कई अन्य नेताओं ने लता मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त किया है। केंद्र सरकार ने 6 व 7 फरवरी को राष्ट्रीय शोक घोषित किया है। 92 वर्षीय लता जी का रविवार सुबह मुंबई के ब्रीचकैंडी अस्पताल में निधन हो गया था।
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्वर कोकिला भारतरत्न लता मंगेशकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि इनका जाना कला जगत के लिए अपूर्णीय क्षति है। लता ने आजीवन स्वर और सुर की साधना की है। कला क्षेत्र में उनका अनुकरणीय योगदान, कला जगत से जुड़े समस्त कलाकारों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि सभी पार्टी के कार्यकर्ता किसी भी कार्यक्रम से पहले दो मिनट का मौन रखा।
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सीएम ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवारजनों तथा उनके प्रशंसकों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन, महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, त्रिलोक कपूर, राकेश जम्वाल और समस्त पदाधिकारियों ने स्वर कोकिला भारतरत्न लता मंगेशकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
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वहीं पूर्व सीएम शांता कुमार ने कहा- स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी के निधन से भारत की आवाज़ खो गई है। उनके निधन से अंतर्मन शोक से व्यथित है, लताजी ने आजीवन स्वर और सुर की साधना की। उन्होंने 30 हजार से अधिक गानों को आवाज़ दी है। उनके गाए हुए गीतों को भारत की कई पीढ़ियों ने सुना और गुनगुनाया है। उनका निधन देश की कला और संस्कृति जगत की बहुत बड़ी क्षति है। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्वर कोकिला भारतरत्न लता मंगेशकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि इनका जाना कला जगत के लिए अपूर्णीय क्षति है। लता ने आजीवन स्वर और सुर की साधना की है। कला क्षेत्र में उनका अनुकरणीय योगदान, कला जगत से जुड़े समस्त कलाकारों को सदैव प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने कहा कि सभी पार्टी के कार्यकर्ता किसी भी कार्यक्रम से पहले दो मिनट का मौन रखा।
सीएम ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवारजनों तथा उनके प्रशंसकों को इस अपूर्णीय क्षति को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप, प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना, सह प्रभारी संजय टंडन, महामंत्री त्रिलोक जम्वाल, त्रिलोक कपूर, राकेश जम्वाल और समस्त पदाधिकारियों ने स्वर कोकिला भारतरत्न लता मंगेशकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।
वहीं पूर्व सीएम शांता कुमार ने कहा- स्वर कोकिला लता मंगेशकर जी के निधन से भारत की आवाज़ खो गई है। उनके निधन से अंतर्मन शोक से व्यथित है, लताजी ने आजीवन स्वर और सुर की साधना की। उन्होंने 30 हजार से अधिक गानों को आवाज़ दी है। उनके गाए हुए गीतों को भारत की कई पीढ़ियों ने सुना और गुनगुनाया है। उनका निधन देश की कला और संस्कृति जगत की बहुत बड़ी क्षति है। उनके परिवार और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं।
संगीत के क्षेत्र में लता मंगेशकर का योगदान अतुलनीय है: आर्लेकर
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने प्रसिद्ध पार्श्व गायिका भारत रत्न लता मंगेशकर के निधन में गहरा शोक व्यक्त किया है। राज्यपाल ने अपने शोक संदेश में कहा कि लता मंगेशकर के निधन से संगीत जगत को हुई क्षति को कभी पूरा नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा लता मंगेशकर का संपूर्ण जीवन संगीत साधना में बीता है। उन्होंने कहा कि वह गोवा से संबंध रखती थीं, क्योंकि उनके पिता दिनानाथ मंगेशकर गोवा से संबंध रखते थे।
उन्होंने कहा कि संगीत के क्षेत्र में लता मंगेशकर का योगदान अतुलनीय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि लता दीदी ने विभिन्न भाषाओं में गायन किया। उनके गायन से उनकी संगीत साधना और तपस्या सामने आई है। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि लता दीदी जी के निधन से संगीत का तारा टूट गया है। वह एक मधुर गायक और मृदुभाषी थी, जिसकी भरपाई करना मुश्किल है। राज्यपाल ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने की प्रार्थना की है।