Shimla: लघु एवं सीमांत किसानों के लिए भूमि नीति तैयार, कैबिनेट बैठक में जाएगी
उपसमिति ने निर्माण गतिविधियों के नियमन को लेकर बनाए गए मॉडल प्लान को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
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बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में गुरुवार को शिमला में मंत्रिमंडलीय उपसमिति की तीसरी बैठक हुई। इस बैठक में मंत्री राजेश धर्माणी, अनिरुद्ध सिंह भी मौजूद रहे। उपसमिति ने निर्माण गतिविधियों के नियमन को लेकर बनाए गए मॉडल प्लान को स्वीकृति प्रदान कर दी है। अब इसे आगामी कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा। एक अन्य मंत्रिमंडलीय उपसमिति की बैठक में मंत्री जगत सिंह नेगी ने सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार लघु एवं सीमांत किसानों के भूमि कब्जों को नियमित करने के लिए तैयार नीति को भी अगली कैबिनेट बैठक में रखने का निर्णय लिया। कैबिनेट में स्वीकृति के बाद इसे भारत सरकार को भेजा जाएगा। बैठक में सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज सी पाल रासू, निदेशक टीसीपी हेमिस नेगी और अतिरिक्त निदेशक पंचायती राज केवल शर्मा उपस्थित रहे।
मंत्रिमंडल की बैठकों में लिए गए 99 प्रतिशत निर्णय पूरी तरह लागू : नेगी
बैठक में अवगत करवाया गया कि 13 जनवरी 2023 से 30 जून, 2025 तक मंत्रिमंडल की बैठकों में 1160 निर्णय लिए गए, जिनमें से 99 प्रतिशत निर्णय पूरी तरह कार्यान्वित किए जा चुके हैं।
उपायुक्तों को पीएसयू को दी भूमि को सत्यापन करने के निर्देश
बैठक में अवगत करवाया गया कि उद्योग विभाग के पास 849 हेक्टेयर, तकनीकी शिक्षा विभाग के पास 70 हेक्टेयर, शिक्षा विभाग के पास 50 हेक्टेयर, पर्यटन विभाग के पास 160 हेक्टेयर, परिवहन विभाग के पास 11 हेक्टेयर और पंचायती राज विभाग के पास 20 हेक्टेयर अनप्रयुक्त भूमि है। इस बैठक में सभी उपायुक्तों को शेष बची एंट्रीज को जल्द दर्ज करवाकर उनकी वेरिफिकेशन के निर्देश दिए गए। सभी विभागों को चार्ट सर्कुलेट किया जाएगा, जिससे वे अपनी भूमि को वेरिफाई कर सकें। इसके अतिरिक्त सभी पीएसयू को दी गई भूमि का ब्योरा भी मांगा गया है। इसके लिए स्प्रेड शीट के माध्यम से डाटा को भरा जाएगा।