लाहौल: अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे मजदूर, सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
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भारत-तिब्बत राष्ट्रीय राजमार्ग बीआरओ से लोनिवि के हवाले किया गया है। इसकी अधिसूचना जारी होने के बाद रोजी-रोटी छीनते देख समदो से लोसर तक काम कर रहे करीब 200 से अधिक कामगार शनिवार से काजा में एडीसी दफ्तर के आगे अनिश्चितकाल भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। ग्रांफू-समदो लेबर कमेटी ने एडीसी काजा को एक ज्ञापन सौंपकर सड़क को बीआरओ के पास रखने की मांग की थी। मजदूरों ने कहा कि सरकार जब तक 200 से अधिक मजदूरों का भविष्य सुनिश्चित नहीं करती, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। सभी मजदूरों ने उपमंडल काजा में केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। भूख हड़ताल से पहले मजदूरों ने फॉरेस्ट कॉलोनी से लेकर एडीएम कार्यालय तक रैली निकाली।
मजदूर यूनियन के अध्यक्ष ज्ञाचो तंडुप ने कहा कि वर्ष 2013-14 से स्पीति घाटी के गरीब 213 परिवार के 500 से अधिक लोगों का भरण पोषण बीआरओ में मजदूरी से हो रहा है। पिछले सात सालों से मजदूर चीन से सटे इलाके समदो से लोसर तक सड़क का रखरखाव करते आ रहे हैं। प्रदेश सरकार अगर इस सड़क को लोनिवि के हवाले कर भी दे तो 200 से अधिक मजदूरों का लोनिवि, आईपीएच और अन्य सरकारी विभाग में समायोजन करें। लाहौल-स्पीति के पूर्व विधायक रवि ठाकुर और पूर्व टीएसी सदस्य सोहन सिंह ने कहा कि बेरोजगार हुए मजदूरों के रोजगार की जल्द व्यवस्था की जाए। काजा के एडीसी ज्ञान सागर नेगी ने कहा कि मजदूरों के ज्ञापन को सरकार को भेजा गया है।