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#ladengecoronase: कोरोना से जंग जीतकर फिर लोगों की सेवा में जुटा डॉक्टर दंपती
Wed, 26 May 2021 10:53 AM IST
Krishan Singh
सुरेश तोमर, अमर उजाला, पांवटा साहिब (सिरमौर)
सुरेश तोमर, अमर उजाला, पांवटा साहिब (सिरमौर)
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 26 May 2021 10:53 AM IST
सार
पांवटा अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर राजीव डेढ़ साल से कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सेवाएं दे रहे हैं। एक साल से उनकी पत्नी डॉ. मीनाक्षी भी अस्पताल में सेवाएं दे रही हैं। डॉ. राजीव ने कहा कि पहले मां कोरोना संक्रमित हुई।
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डॉ. राजीव चौहान अपनी धर्मपत्नी डॉ. मीनाक्षी चौहान के साथ।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना महामारी से दो-दो हाथ करने में स्वास्थ्य विभाग के कोरोना योद्धा जीजान से मैदान में डटे हुए हैं। रोगियों का उपचार करते हुए वह खुद भी संक्रमित हो रहे हैं। लेकिन वह ठीक होकर फिर से लोगों की सेवा में लग गए हैं। ऐसा ही एक उदाहरण है पांवटा अस्पताल में कार्यरत डॉ. राजीव चौहान व उनकी धर्मपत्नी डॉ. मीनाक्षी चौहान का है।
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पांवटा अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टर राजीव डेढ़ साल से कोरोना के खिलाफ लड़ाई में सेवाएं दे रहे हैं।
एक साल से उनकी पत्नी डॉ. मीनाक्षी भी अस्पताल में सेवाएं दे रही हैं। डॉ. राजीव ने कहा कि पहले मां कोरोना संक्रमित हुई। उसके बाद उनकी, उनकी पत्नी और बेटा, बेटी की कोविड रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई। परिवार के पांचों सदस्य होम क्वारंटीन रहे। अब उनका पूरा परिवार कोरोना संक्रमण को मात दे चुका है। इसके चलते डॉक्टर दंपती ने फिर से अपना कार्यभार ग्रहण करके लोगों की सेवा करनी शुरू कर दी है।
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अमर उजाला से विशेष बातचीत में डॉक्टर दंपती ने कहा कि वह डेढ़ साल से कोविड के खिलाफ लड़ाई में सेवाएं दे रहे हैं। वह खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं कि कोरोना महामारी में मानवता की सेवा करने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि वह कोरोना सैंपल एकत्रित करते हैं। डेढ़ साल में सैकड़ों सैंपल एकत्रित कर चुके हैं। बता दें कि डॉ. राजीव दिनभर की डयूटी के बाद भी फोन आने पर लोगों को बड़ी विनम्रता से दवा और उपचार के प्रति जागरूक करते हैं। यही कारण है कि कोरोना को मात दे चुके कई लोग डॉक्टर दंपती की प्रशंसा करते नहीं थकते हैं।
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