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चार सीएमओ के हवाले इमरजेंसी मेडिसन वार्ड

Sat, 04 Jun 2016 06:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Sat, 04 Jun 2016 06:39 PM IST
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lack of facilities in igmc shimla
डॉक्टर

आईजीएमसी का इमरजेंसी मेडिसन वार्ड सिर्फ चार सीएमओ के हवाले है। अस्पताल में तीन सीएमओ पीजी करके अपने-अपने विभागों में सेवाएं देने चले गए।

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उधर बाकी बचे डाक्टरों को अस्पताल में सातों दिन ड्यूटी देनी पड़ रही है। इस कारण उन पर काम का बोझ बढ़ गया है। वहीं, कोर्ट एविडेंस के मामले होने पर डॉक्टरों को चौबीस घंटे ड्यूटी देनी पड़ रही है।
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आईजीएमसी के इमरजेंसी वार्ड में रोजाना सैकड़ों मरीज उपचार के लिए आते हैं। इनमें से तेज बुखार, एक्सीडेंटल और प्वाइजंनिग केस होते है। इमरजेंसी में आई एमएलसी व साइन भी इन्हीं डाक्टरों के वैध माने जाते हैं। लेकिन मौजूदा समय में डॉक्टरों की कमी के
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चलते इन पर काम का बोझ ज्यादा हो गया है। डॉक्टरों को इस दौरान मेडिसन वार्ड में बारह से लेकर चौबीस घंटे तक ड्यूटी देनी पड़ रही है। उधर, प्रबंधन ने अभी तक डॉक्टरों को रोस्टर तक जारी नहीं किया है। इसके चलते उन्हें खुद ही टाइमिंग सेट करके ड्यूटी देनी पड़ रही है।

इमरजेंसी वार्ड में सीएमओ डाक्टरों की कोई कमी नहीं है। अस्पताल में काम सुचारु रूप से चला हुआ है। -डा. रमेश चंद, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक

सात सीटें हैं सीएमओ की
आईजीएमसी में मेडिसन वार्ड में सीएमओ के लिए सात सीटें है। लेकिन मौजूदा समय में चार सीएमओ ही हफ्ते के सातों दिन वार्ड में चौबीसों घंटे ड्यूटी दे रहे हैं। हाल ही में सीएमओ की ड्यूटी दे रहे डॉक्टर पीजी करके अपने अपने विभागों में ड्यूटियां देने चले गए हैं।

शाम चार बजे के बाद बढ़ती है भीड़
आईजीएमसी के इमरजेंसी मेडिसन वार्ड में शाम चार बजे के बाद उपचार के लिए भीड़ बढ़नी शुरू हो जाती है। इस दौरान डॉक्टरों पर काम का बोझ ज्यादा हो जाता है।

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