कोरोना काल में कुल्लू के प्लम ने लगाई लंबी छलांग, मिल रहे रिकॉर्ड दाम
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कोरोना काल में कई क्षेत्रों में मंदी की मार है तो कुल्लू के सेंटारोजा वैरायटी के प्लम ने लंबी छलांग लगाई है। प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर इस प्लम को दशकों बाद रिकॉर्ड 92 रुपये प्रति किलो दाम मिल रहे हैं। औषधीय कंपनियों में भी इस प्लम की खासी मांग है। रिकॉर्ड दाम मिलने से घाटी के बागवान बागबाग हैं। सोमवार को सब्जी मंडी में प्लम 92 रुपये किलो बिका। बताया जा रहा है कि इस साल प्लम की पैदावार कम है। लिहाजा, मांग बढ़ने से भी कीमत में बढ़ोतरी हुई है। 87 वर्षीय प्रगतिशील बागवान झाबे राम ठाकुर ने कहा कि आज तक ऐसे उम्दा दाम प्लम के कभी भी नहीं मिले हैं। बागवान अमित ठाकुर, चमन ठाकुर, अनूप भंडारी, ज्ञान ठाकुर, वीर सिंह, नवीन, जयचंद, अनिश, अखिल ठाकुर ने कहा कि इस साल प्लम की सेंटारोजा वैरायटी ने कई दशकों का रिकॉर्ड तोड़ा है। पिछले साल यह प्लम 45 से 50 रुपये किलो बिका था। फल उत्पादक मंडल कुल्लू के अध्यक्ष प्रेम शर्मा ने कहा कि इस बार प्लम के अच्छे दाम मिल रहे हैं। बंदरोल आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहन ठाकुर ने कहा कि सोमवार को ए श्रेणी प्लम की करीब 400 क्रेट पहुंची हैं।
प्लम में कैलोरी तीस ग्राम, विटामिन सी दस फीसदी, विटामिन ए पांच फीसदी और विटामिन के पांच फीसदी होती है। इसमें कॉपर और पोटेशियम भी मौजूद है। - उत्तम पराशर, बागवानी विभाग के विशेषज्ञ
प्लम में विटामिन सी के अलावा कई पोषक तत्व मौजूद हैं। शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ हृदय रोग, हड्डियों व सूजन जैसी कई बीमारियों के लिए प्लम एक बेहतर फल है।
-डॉ. मनीष सूद, चिकित्सक जिला आयुर्वेद अस्पताल कुल्लू
सेब सीजन शुरू होने से पहले खाली कराए कोल्ड स्टोर
सूबे में सेब सीजन शुरू होने से पहले आधा दर्जन से ज्यादा सरकारी और निजी कोल्ड स्टोरों को खाली करवा लिया गया है। मार्च अंतिम सप्ताह से कोरोना वायरस की वजह से लॉकडाउन था, जिस कारण इन स्टोरों से सेब नहीं उठ पा रहा था। अब सेब को बाहरी मंडियों में भेजकर नए सीजन के लिए इन्हें तैयार कर लिया गया है।
ये स्टोर रामपुर, रोहडू, परवाणू और जड़ोल टिक्कर आदि क्षेत्रों में हैं। हिमाचल प्रदेश कृषि उत्पाद मार्केटिंग बोर्ड के प्रबंध निदेशक नरेश चौहान ने बताया कि इन कोल्ड स्टोरों में 80 हजार मीट्रिक टन सेब के भंडारण की क्षमता है। बागवान इन कोल्ड स्टोरों में भी सेब बेच सकेंगे।