Kullu Landslide: जान बची पर जिंदगी उजड़ गई... मंजू की पुकार दे गई जीवनदान, जानिए पूरा मामला
कुल्लू के इनर अखाड़ा बाजार में आधी रात आई तबाही ने कई जिंदगियां उजाड़ दीं लेकिन उसी अंधेरे में मंजू सूद की जागरूकता एक औरत की जान बचा गई।
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हिमाचल प्रदेश के कुल्लू के इनर अखाड़ा बाजार में आधी रात आई तबाही ने कई जिंदगियां उजाड़ दीं लेकिन उसी अंधेरे में मंजू सूद की जागरूकता एक औरत की जान बचा गई। तेज बारिश और भूस्खलन के बीच मंजू ने न सिर्फ अपने परिवार को बाहर निकाला, बल्कि पड़ोस में अकेली रह रहीं सीता को भी आवाज देकर बाहर खींच लाईं। जैसे ही सब बाहर निकले, उनका घर मलबे में तब्दील हो गया। जो तन पर था, वही बचा, बाकी सब जीवन भर की कमाई के साथ मिट्टी में मिल गया।
मूसलाधार बारिश और आधी रात के समय घर में अचानक कंपन सी हुई। मंजू सूद ने ननद और बेटे के साथ घर से निकलने का प्रयास किया। इस दौरान ख्याल आया कि पड़ोस में एक महिला अकेली रहती है। उन्होंने महिला सीता को आवाज लगाई और बाहर निकलने के लिए कहा। घर से निकले ही थे कि पहाड़ी से हुए भूस्खलन में घर पूरी तरह दब गए। मंजू सूद ने बताया कि वे अपने घर से कुछ नहीं निकाल पाए। तन पर पहने कपड़े ही बचे हैं। घर पूरी तरह तबाह हो चुका है। सीता देवी के अनुसार उनका मकान भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। वह मकान में अकेले रहती थीं। अब रहने को ठिकाना नहीं बचा है। बेटी के घर में शरण ली है।
इनकी तलाश जारी
इनर अखाड़ा बाजार में भूस्खलन की दो घटनाओं में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। पांच लोग अभी भी मलबे में दबे हैं। इन्हें निकालने के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। मलबे में दबे लोगों में से 45 वर्षीय हुसैन पुत्र सुल्मान गुची महोल्ला अखाल, तहसील कंगन, जिला गांधरावल कश्मीर, 51 वर्षीय गुलजार अहमद लोन पुत्र मोहम्मद शाह वावानगरी, कंगन जिला गांधरावल कश्मीर, 23 वर्षीय ताहिर शेख पुत्र वशीर अहमद शेख गांव सरदाव तुलेल, जिला बांदीपुरा कश्मीर की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन जारी है। दूसरे स्थान पर दबे एनडीआरएफ सहित दो लोगों का सर्च अभियान दो दिनों से रोका हुआ है।