ओटी में ऐसी लापरवाही आप भी हैरान रह जाएंगे
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स्वास्थ्य सेवाओं में अव्वल होने का दावा करने वाले हिमाचल के सरकारी जोनल अस्पताल का हाल तो देखिए। आंख के ऑपरेशन के लिए बुलाए मरीज को विशेषज्ञ डाक्टरों ने बेहोश (सुन्न) कर ऑपरेशन थियेटर में लिटा दिया।
डॉक्टरों की टीम तैयार थी, लेकिन जैसे ही ऑपरेशन थियेटर में लगा मुख्य बल्ब जलाया तो वह जला नहीं। कर्मचारी के बार-बार प्रयास करने पर भी जब बल्ब नहीं जला तो डॉक्टरों में हड़कंप मच गया। मुख्य लाइट के बिना ऑपरेशन संभव नहीं था।
ऐसे में मरीज को ऑपरेशन थियेटर से निकालकर घर भेज दिया। सूत्रों का कहना है कि मरीज अभी पूरी तरह से बेहोशी से बाहर नहीं आया था। जोनल अस्पताल कुल्लू में आंख के 12 मरीजों को ऑपरेशन के लिए बुलाया था। आनन-फानन में सभी मरीजों को घर भेज दिया गया। अस्पताल प्रबंधन ने भी अपनी गलती मानी है। अब सोमवार को सभी मरीजों को दोबारा ऑपरेशन के लिए बुलाया गया है।
कई सवाल हुए खड़े
मामला सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इससे एक बात तो साबित हो जाती है कि ऑपरेशन करने से पहले थियेटर की जांच तक नहीं की जाती है कि लाइट जल रही है, उपकरण हैं या नहीं।
दूसरा अगर लाइट नहीं जल रही थी तो मरीज को सुन्न क्यों किया गया। उधर, इस बारे में सीएमओ कुल्लू डा. बलदेव ठाकुर का कहना है कि मैं अभी बाहर हूं। मामला गंभीर है। कुल्लू पहुंचकर मामले की छानबीन की जाएगी।
ऑपरेशन थियेटर की लाइट खराब हो गई थी, इसलिए मरीजों को घर भेज दिया गया। अब सभी मरीजों के ऑपरेशन सोमवार को किए जाएंगे। लाइट शिमला से मंगवाई गई है। -डा. कमल कपूर, आई विशेषज्ञ, जोनल अस्पताल कुल्लू
निदेशक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण निदेशालय डा. आरके शर्मा ने बताया कि अस्पताल में ऑपरेशन से पहले से लाइट खराब थी। इसकी पहले जांच क्यों नहीं की गई। इस मामले में सीएमओ से पड़ताल कराई जाएगी। इसके बाद ही कुछ कहना संभव होगा।