गुड़िया गैंगरेप हत्याकांड: सचिवालय गेट पर चढ़े प्रदर्शनकारी, बेरिकेट्स तोड़ किया चक्का जाम
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गुड़िया को इंसाफ दिलाने के लिए 22 विभिन्न संगठनों को एकजुट कर बनाए गए गुड़िया न्याय मंच के बैनर तले सोमवार को सचिवालय के बाहर उग्र प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारी सचिवालय के समीप लगाए गए गेट पर चढ़ गए।
पुलिस द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए बेरिकेट्स भी प्रदर्शनकारियों ने तोड़ डाले। छोटा शिमला में दोपहर डेढ़ बजे से लेकर साढ़े तीन बजे तक प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम किया।
उपायुक्त दफ्तर से माल रोड होते हुए छोटा शिमला तक प्रदर्शनकारियों ने रैली निकाली। प्रदर्शन के बाद मुख्य सचिव को सचिवालय के भीतर जाकर मंच की ओर से ज्ञापन भी सौंपा गया।
गुड़िया न्याय मंच ने सरकार से पुलिस महानिदेशक को उनके पद से बर्खास्त करने की मांग की है। सोमवार को भारी बारिश के बीच गुड़िया न्याय मंच के सदस्यों ने सरकार और पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया।
पुलिस को धकेलते हुए गेट पर चढ़ गए प्रदर्शनकारी
सुबह 11 बजे उपायुक्त दफ्तर में जुटे प्रदर्शनकारियों ने माल रोड, हाईकोर्ट से होते हुए सचिवालय तक रैली निकाली। करीब डेढ़ बजे प्रदर्शनकारी छोटा शिमला पहुंचे। सचिवालय तक जाने से प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने सोमवार को भारी बेरिकेट्स लगाए थे। सड़क किनारे लगाए गए गेट भी बंद किए थे।
लेकिन छोटा शिमला पहुंचते ही प्रदर्शनकारी उग्र हो गए। पुलिस से धक्का मुक्की करते हुए बेरिकेट्स का तोड़ कर सड़क पर गिरा दिया। इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारी गेट पर भी चढ़ गए। प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए पुलिस को भारी मशक्कत करनी पड़ी। मामला शांत होने के बाद मंच की संयोजिका और रिश्तेदार शारदा दमसेठ, गीता दमसेठ,
पूर्व विधायक राकेश सिंघा, पूर्व मेयर संजय चौहान, कश्मीर सिंह, विजेंद्र मेहरा, कुलदीप तंवर, फालमा चौहान, बालक राम, रणवीर वर्मा, प्रीतपाल सिंह मट्टू, आरएल डोगरा, मनन, नेपाल एकता समाज से भीम सिंह, विक्रम सिंह, चंद्रकांत, कपिल भारद्वाज, दयाल सिंह, बालकृष्ण बाली और बलवीर पराशर ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया।
सभी सदस्यों ने एकमत होकर पुलिस महानिदेशक पर इस मामले में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए सरकार से उन्हें फौरन बर्खास्त करने की मांग की। सीबीआई की जांच को समयबद्ध करने और मृतक नेपाली की पत्नी ममता की स्टेटमेंट जज के समक्ष दर्ज करवाने की मांग भी की गई। उधर, ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल को मुख्य सचिव ने पूरी निष्पक्षता से मामले की जांच होने का आश्वासन देते हुए धैर्य रखने की अपील की।
रिश्तेदार बोले, सरकार से उठा विश्वास
प्रदर्शन में गुड़िया के कई रिश्तेदारों ने भी भाग लिया। गुड़िया के भाई, बहन, चाचा और चाची विशेषतौर पर सोमवार को शिमला पहुंचे। मीडिया के साथ बातचीत में रिश्तेदारों ने कहा कि अब सरकार से विश्वास उठ गया है। मुख्यमंत्री के बयानों से वह नाखुश हैं। उन्होंने कहा कि गुड़िया के साथ घिनौना कृत्य करने वालों को फांसी की सजा होनी चाहिए।
इस बार पूरी तैयारी के साथ आई थी पुलिस
प्रदर्शनकारियों से निपटने के लिए सोमवार को पुलिस पूरी तरह से तैयार नजर आई। एसपी सौम्या, डीसी रोहन ठाकुर, एडीएम लॉ एंड आर्डर हिमिस नेगी सहित डीएसपी रत्न नेगी, बलवीर जसवाल सहित कई अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। सचिवालय के बाहर क्यूआरटी और व्रज वाहन को भी तैनात किया गया था। मामला शांत करने के लिए एसपी और डीसी बार-बार प्रदर्शनकारियों से बातचीत भी करते रहे।
पुलिस ने बंद किए गेट, पैदल चलने को मजबूर हुए लोग
चक्का जाम के चलते छोटा शिमला में सोमवार को दोपहर सवा एक बजे से लेकर पौने चार बजे तक ट्रैफिक पूरी तरह से बंद रहा। प्रदर्शनकारियों के पहुंचने से 15 मिनट पहले और जाने के 15 मिनट बाद तक पुलिस ने गेट बंद रखे। इस दौैरान लोगों को पैदल मार्च करना पड़ा। इस बार पुलिस ने पुरानी गलती को ना दोहराते हुए पैदल चल रहे लोगों को गेट के साइड से आने-जाने दिया।