पांडेय बोले- अपनों को बचाने के लिए सरकार ने लॉकअप में मरवाया आरोपी
भाजपा के प्रदेश प्रभारी मंगल पांडेय का कहना है कि कोटखाई की गुड़िया के साथ हुए दुराचार और बर्बर हत्या से पूरे देश में हिमाचल शर्मसार हुआ है। इस घटना से प्रदेश की 70 लाख जनता के अंदर आग लगी हुई है, लेकिन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह इसे साधारण घटना बता रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अपने लोगों को बचाने के लिए नेपाली मूल के आरोपी युवक को साजिश के तहत लॉकअप में ही मरवा दिया। यह आरोपी मामले का पर्दाफाश कर सकता था। पांडेय शुक्रवार को सुंदरनगर जिला भाजपा की कार्यकारिणी की बैठक में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे थे।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे पांडेय ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भ्रष्टाचार तो पहले ही दिन से ही मुद्दा था। अब विकास, वन और कानून व्यवस्था के मोर्चे पर भी सरकार घिर गई है। उन्होंने कहा कि वनरक्षक की मौत से जनता में पहले ही उबाल था, अब गुड़िया प्रकरण ने सरकार की पोल खोलकर रख दी है।
इस जंगलराज से अगर जनता को छुटकारा पाना है तो प्रदेश में भाजपा की सरकार को सत्ता में लाना होगा। उन्होंने प्रदेश की जनता खासकर महिलाओं से आह्वान किया कि कांग्रेसी यदि उनसे वोट मांगने आएं तो उनका घेराव कर उनसे जवाब तलब किया जाए। इस मौके पर जयराम ठाकुर, महेंद्र सिंह, कर्नल इंद्र सिंह, राकेश जम्वाल, रूप सिंह ठाकुर, त्रिलोक जम्वाल सहित अनेक नेता उपस्थित रहे।
मामले को जितना दबाया जा रहा उतने तथ्य आ रहे सामने: धूमल
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि सरकार गुड़िया मामले को दबाने का जितना ज्यादा जोर लगा रही है, उतने ही नए तथ्य सामने आते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के फेसबुक अकाउंट में आरोपियों के फोटो डालने और फिर आनन फानन हटाने के क्रम से सरकार की मंशा सामने आ गई थी। इस पर एक आरोपी की लॉकअप में हत्या ने सरकार की पोल को खोल दिया।
धूमल हमीरपुर के गांधी चौक पर धरना-प्रदर्शन के दौरान पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मामले में जिन लोगों को पकड़ा गया था, उनमें से एक गवाही देने को तैयार हो गया था। उसको उसी व्यक्ति के साथ पुलिस सेल में रखा गया, जिसके खिलाफ उसने गवाही देनी थी।
ऐसे में पुलिस बंदीगृह में उसकी हत्या हुई। ताजा घटनाक्रम में मृतक सूरज की पत्नी के बयान भी पुलिस और सरकार को संदेह के घेरे में खड़ा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस तरह से नए नए खुलासे हो रहे हैं, उससे स्थानीय लोगों और राजनीतिक दलों के उस शक को बल मिल रहा है, जिसमें हत्या के पीछे कुछ और लोगों के हाथ की आशंका जताई जा रही थी।
उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण में सरकार की संदेहास्पद भूमिका रही है। इसे देखते हुए सरकार को सत्ता में रहने का कोई अधिकार नहीं है। प्रदेश सरकार की जगह अब राष्ट्रपति शासन लगाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच में असली अपराधियों को जल्द से जल्द पकड़ कर सजा दिलवाई जानी चाहिए।