विधानसभा में बनाया जाएगा नॉलेज बैंक : राजीव बिंदल
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ई-विधान प्रणाली को मजबूती से लागू कर हिमाचल विस ने देश में पहली ऐसी विधानसभा का गौरव प्राप्त किया है। अब इस विधानसभा ने ई-कंसिजुएंसी मैनेजमेंट सिस्टम लागू कर देश में फिर पहला स्थान बनाया है।
विस अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने चंबा जाते समय नूरपुर में प्रेसवार्ता में कहा कि ई-विधान प्रणाली लागू होने से हिमाचल विस पूरी तरह पेपरलेस हो गई है। इससे सूचना प्रौद्योगिकी का पूरा पूरा इस्तेमाल हो रहा है। इससे विधानसभा को एक नॉलेज बैंक के रूप में विकसित किया जाएगा।
बताया कि ई-कंसिजुएंसी प्रणाली लागू होने से विधायक अपने-अपने चुनाव क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों, लोगों की शिकायतों तथा समस्याओं की समस्त जानकारी मोबाइल ऐप के माध्यम से ले सकेंगे। विधानसभा क्षेत्र की पूरी जानकारी उन्हें मिलती रहेगी।
पहले चरण में इस प्रणाली से उपमंडल स्तर के अधिकारियों को जोड़ा जाएगा। दूसरे और तीसरे चरण में जिला तथा राज्य स्तर के अधिकारियों को मुख्यमंत्री के साथ जोड़कर इस प्रणाली को और मजबूत किया जाएगा।
चरणबद्ध तरीके से अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा
बताया कि प्रथम चरण में इस प्रणाली के तहत प्रदेश के चार विस क्षेत्रों सराज, नाहन, कुल्लू तथा मंडी में अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। सूबे के अन्य विधानसभा क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
बिंदल ने कहा कि धर्मशाला स्थित तपोवन में विधानसभा भवन में ई-विधान अकादमी तथा विधान प्रणाली को पूरे देश में लागू करने को वे प्रयासरत हैं। इसके लिए केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने उन्हें आश्वासन दिया है।
विधानसभा में एक मजबूत रिसर्च बैंक की स्थापना की जा रही है। इसमें हिमाचल निर्माता डॉ वाईएस परमार समेत सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों समेत वरिष्ठ विधायकों के रिकॉर्ड हुए बयानों का ब्योरा उपलब्ध होगा।
इससे पहले नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया ने राजीव बिंदल का स्वागत किया। एसडीएम आबिद हुसैन सादिक, प्रकाश चंद, संजय कुमार, दयाल सिंह बिट्टा, मदन राणा, अश्विनी कुमार, राजेश सहोत्रा, भवानी सिंह और रविंद्र चौधरी आदि मौजूद रहे।