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Shimla News: विवि पालमपुर की भूमि पर टूरिज्म विलेज बनाने का विरोध
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भारतीय किसान संघर ने राज्यपाल से उठाया विवि की जमीन को ना देने का मामला
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और कृषि मंत्री चंद्र कुमार को भी दिया ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। प्रदेश सरकार की ओर से कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर की भूमि पर टूरिज्म विलेज बनाने के प्रस्ताव का भारतीय किसान संघ ने विरोध किया है। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और कृषि मंत्री चंद्र कुमार को ज्ञापन दिया।
संघ ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर की भूमि को टूरिज्म के लिए देना गलत है। संघ का कहना है कि कृषि विवि में शिक्षा ग्रहण करने के लिए बाहरी राज्यों सहित प्रदेशभर के छात्र-छात्राएं आते हैं। हजारों छात्रों के भविष्य से भी खिलवाड़ होगा। संघ का कहना है कि देशभर में कृषि क्षेत्र में अध्यापन, शोध, प्रसार, शिक्षा और स्थानीय भौगोलिक परिस्थिति के अनुसार किसानों के उत्थान के लिए विवि की स्थापना की है। कृषि क्षेत्र में स्थानीय और विश्व स्तरीय बदलती उपभोक्ता की खाद्यान्न मांग, परिवर्तनशील जलवायु, प्राकृतिक संसाधन का संरक्षण और संवर्धन को देखते हुए भौगोलिक परिस्थिति तंत्र आधारित अध्ययन, शोध तथा प्रसार शिक्षण प्रक्रिया निरंतर परिवर्तनशील रहती है। ऐसे में खाद्यान्न किसी उद्योग में पैदा नहीं किया जा सकता। संघ का कहना है कि खाद्यान्न की पैदावार केवल भौगोलिक परिस्थिति तंत्र में ही होगी। प्रदेश में ही नहीं देशभर में सबसे अधिक रोजगार, स्वरोजगार के साधन और अवसर कृषि क्षेत्र ही प्रदान करता है। ऐसे में कृषि और खाद्यान्न जैसे गंभीर विषय से जुडे मामले पर सरकार को एक बार पुनः विचार करना चाहिए। भारतीय किसान संघ के प्रदेश महामंत्री सुरेश ठाकुर ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र को विकसित करना बेशक सरकार की प्राथमिकता में शामिल है और पर्यटन क्षेत्र का विकास भी होना आवश्यक है, लेकिन पर्यटन क्षेत्र के लिए अन्य जगह का इस्तेमाल किया जा सकता है। कृषि शोध से जुड़े क्षेत्र का इसके लिए उपयोग ना ही विद्यार्थियों के हित में होगा और ना ही शोध व खाद्यान्न के लिहाज से उपयुक्त होगा। भारतीय किसान संघ ने प्रदेश राज्यपाल से इस मामले पर गंभीरता से विचार कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। इस अवसर पर भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सोमदेव शर्मा, प्रांत महिला प्रमुख डॉ. नीलम, प्रदेश महामंत्री सुरेश ठाकुर, प्रांत संगठन मंत्री हरिराम पवांर, प्रांत प्रचार प्रमुख जयसिंह ठाकुर उपस्थित रहे।
कृषि क्षेत्र में सबसे अधिक रोजगार के अवसर
भारतीय किसान संघ का कहना है कि राज्य में कृषि और बागवानी के क्षेत्र में अब तक देश व प्रदेश में सबसे अधिक रोजगार के अवसर लोगों को मिले हुए हैं। इस क्षेत्र में वर्षों से पढ़े-लिखे और कम पढ़े लोग अपना भरपूर योगदान कर लोगों के लिए खाद्यान्न उत्पादन कर रहे हैं। ऐसे में कृषि क्षेत्र में होने वाले शोध कार्य के लिए जमीन होना बहुत आवश्यक है। यदि यह जमीन सरकार द्वारा होटल बनाने के लिए दी जाती है तो कृषि कार्य के लिए कोई नया शोध होना मुश्किल होगा। धरातल पर इसका किसानों-बागवानों पर गंभीर असर पड़ेगा।
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राज्यपाल ने तलब किए कृषि विश्वविद्यालय के वीसी
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर और सोलन के वाइस चांसलर को तलब किया है। उनसे इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। राज्यपाल ने संघ को इस मामले में हरसंभव कार्रवाई करने को लेकर आश्वस्त किया।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और कृषि मंत्री चंद्र कुमार को भी दिया ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। प्रदेश सरकार की ओर से कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर की भूमि पर टूरिज्म विलेज बनाने के प्रस्ताव का भारतीय किसान संघ ने विरोध किया है। राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और कृषि मंत्री चंद्र कुमार को ज्ञापन दिया।
संघ ने कहा कि कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर की भूमि को टूरिज्म के लिए देना गलत है। संघ का कहना है कि कृषि विवि में शिक्षा ग्रहण करने के लिए बाहरी राज्यों सहित प्रदेशभर के छात्र-छात्राएं आते हैं। हजारों छात्रों के भविष्य से भी खिलवाड़ होगा। संघ का कहना है कि देशभर में कृषि क्षेत्र में अध्यापन, शोध, प्रसार, शिक्षा और स्थानीय भौगोलिक परिस्थिति के अनुसार किसानों के उत्थान के लिए विवि की स्थापना की है। कृषि क्षेत्र में स्थानीय और विश्व स्तरीय बदलती उपभोक्ता की खाद्यान्न मांग, परिवर्तनशील जलवायु, प्राकृतिक संसाधन का संरक्षण और संवर्धन को देखते हुए भौगोलिक परिस्थिति तंत्र आधारित अध्ययन, शोध तथा प्रसार शिक्षण प्रक्रिया निरंतर परिवर्तनशील रहती है। ऐसे में खाद्यान्न किसी उद्योग में पैदा नहीं किया जा सकता। संघ का कहना है कि खाद्यान्न की पैदावार केवल भौगोलिक परिस्थिति तंत्र में ही होगी। प्रदेश में ही नहीं देशभर में सबसे अधिक रोजगार, स्वरोजगार के साधन और अवसर कृषि क्षेत्र ही प्रदान करता है। ऐसे में कृषि और खाद्यान्न जैसे गंभीर विषय से जुडे मामले पर सरकार को एक बार पुनः विचार करना चाहिए। भारतीय किसान संघ के प्रदेश महामंत्री सुरेश ठाकुर ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र को विकसित करना बेशक सरकार की प्राथमिकता में शामिल है और पर्यटन क्षेत्र का विकास भी होना आवश्यक है, लेकिन पर्यटन क्षेत्र के लिए अन्य जगह का इस्तेमाल किया जा सकता है। कृषि शोध से जुड़े क्षेत्र का इसके लिए उपयोग ना ही विद्यार्थियों के हित में होगा और ना ही शोध व खाद्यान्न के लिहाज से उपयुक्त होगा। भारतीय किसान संघ ने प्रदेश राज्यपाल से इस मामले पर गंभीरता से विचार कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है। इस अवसर पर भारतीय किसान संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सोमदेव शर्मा, प्रांत महिला प्रमुख डॉ. नीलम, प्रदेश महामंत्री सुरेश ठाकुर, प्रांत संगठन मंत्री हरिराम पवांर, प्रांत प्रचार प्रमुख जयसिंह ठाकुर उपस्थित रहे।
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कृषि क्षेत्र में सबसे अधिक रोजगार के अवसर
भारतीय किसान संघ का कहना है कि राज्य में कृषि और बागवानी के क्षेत्र में अब तक देश व प्रदेश में सबसे अधिक रोजगार के अवसर लोगों को मिले हुए हैं। इस क्षेत्र में वर्षों से पढ़े-लिखे और कम पढ़े लोग अपना भरपूर योगदान कर लोगों के लिए खाद्यान्न उत्पादन कर रहे हैं। ऐसे में कृषि क्षेत्र में होने वाले शोध कार्य के लिए जमीन होना बहुत आवश्यक है। यदि यह जमीन सरकार द्वारा होटल बनाने के लिए दी जाती है तो कृषि कार्य के लिए कोई नया शोध होना मुश्किल होगा। धरातल पर इसका किसानों-बागवानों पर गंभीर असर पड़ेगा।
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राज्यपाल ने तलब किए कृषि विश्वविद्यालय के वीसी
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर और सोलन के वाइस चांसलर को तलब किया है। उनसे इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। राज्यपाल ने संघ को इस मामले में हरसंभव कार्रवाई करने को लेकर आश्वस्त किया।