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बिना मंजूरी बदल दी किरतपुर-नेरचौक फोरलेन की एलाइनमेंट
Wed, 09 Jan 2019 01:08 PM IST
अरविन्द ठाकुर
रितेश गुलेरिया, अमर उजाला, बिलासपुर
रितेश गुलेरिया, अमर उजाला, बिलासपुर
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Wed, 09 Jan 2019 01:08 PM IST
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किरतपुर-नेरचौक तक बनने वाले फोरलेन में बिना मंजूरी चार किलोमीटर तक एलाइनमेंट ही बदल दी गई है। फोरलेन विस्थापित और प्रभावित समिति की शिकायत पर वन विभाग की जांच में यह खुलासा हुआ है। जांच के बाद वन विभाग ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को कई नोटिस भेजे पर जवाब नहीं मिला।
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इस दौरान कई रिमांडर भी भेजे गए पर उत्तर नहीं मिला। 20 दिसंबर को सुनवाई का मौका दिया गया लेकिन एनएचएआई का कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। लिहाजा, डीएफओ सदर सरोज भाई पटेल ने जांच रिपोर्ट अरण्यपाल को सौंप दी है।
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फोरलेन निर्माण के दौरान मैहला से पट्टा तक करीब नौ गांवों में बिना केंद्र सरकार की मंजूरी के एलाइनमेंट बदली गई है। वन विभाग ने पूरे मामले की जांच को लेकर तीन विभागों की पंद्रह सदस्यीय संयुक्त टीम का गठन किया था।
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फोरलेन विस्थापित और प्रभावित समिति के उप प्रधान किशन चंदेल, राकेश कुमार, चिंता देवी, सीमा राम, जगदीश, बलदेव शर्मा, श्रवण, जगत राम और महा सचिव मदन लाल शर्मा ने बताया कि जांच केवल कुछ स्थानों पर ही की गई है। सुन्नण, टाली, भराड़ी, छत्त, बैहलग, कोठी, कल्लर, भजवाणी, औहर, दड़याणा, पलथी, बागठेडू और अमर पूरा क्षेत्र में इसकी जांच नहीं गई है। वन विभाग को चाहिए था कि इन सब स्थानों पर भी जांच की जाती।