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सरकार के आदेश पर भी नहीं मिला प्रभावितों को हक, निदेशक नहीं कर रहे कार्रवाई

Tue, 17 Apr 2018 07:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बिलासपुर
अमर उजाला ब्यूरो, बिलासपुर Updated Tue, 17 Apr 2018 07:12 AM IST
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kiratpur ner chowk four lane compensation to farmers
डेमो पिक

किरतपुर-नेरचौक फोरलेन विस्थापितों और प्रभावितों को सरकार के आदेश के बाद भी उनका हक नहीं मिल रहा है। इस कारण सैकड़ों विस्थापितों और प्रभावितों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। पूर्व सरकार के समय अमर उजाला में प्रकाशित खबर के बाद यह मामला विधानसभा में भी उठा था।

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इसके बाद तत्कालीन सीएम वीरभद्र सिंह ने उपायुक्त की अध्यक्षता में 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने क्षेत्र के स्थानीय विधायक के साथ मौके का निरीक्षण कर प्रभावितों की समस्याएं सुनकर इनका हल निकालना था।  श्री नयनादेवी विस क्षेत्र में कमेटी ने तत्कालीन विधायक रणधीर शर्मा के साथ मौके का निरीक्षण किया था।
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इसकी रिपोर्ट सरकार को भी भेजी थी। यहां से यह रिपोर्ट आगामी कार्रवाई के लिए संबंधित विभागों को भेजी गई। हैरत की बात है कि रिपोर्ट एनएचआई के रिजनल कार्यालय से होते हुए परियोजना निदेशक के पास पिछले पांच माह से विचाराधीन है। रिजनल कार्यालय के बार-बार रिमांइडर भेजने पर भी परियोजना निदेशक रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। 
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पत्र संख्या एनएचएआई/ आरओ/एचपी /11011/2/ आरटीआई/2016/1309 से खुलासा आरटीआई से ली गई सूचना में हुआ है। फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदनलाल शर्मा ने बताया कि पिछली सरकार के समय नयनादेवी के विधायक रणधीर शर्मा ने अंडर रूल-62 के तहत विधानसभा में प्रश्न उठाया था कि कितरपुर-नेरचौक निर्माण करने से नियमों के विरुद्ध ब्लास्टिंग से लोगों के घरों में ददारें आ गई हैं।

रास्ते और प्राकृतिक पेयजल स्रोत खत्म हो गए हैं। लोगों की निजी भूमि की निशानदेही नहीं हो रही है। भूस्खलन से जमीनें तबाह हो गई हैं। शमशानघाट व वन भूमि को नुकसान हुआ। मामले में गठित जांच टीम के पास दो हजार से ज्यादा लोगों ने शिकायतें दी थीं। इस रिपोर्ट में सड़क निर्माण कर रही कंपनी ने भी माना है कि उनसे गलती हुई है ओर वह इसे ठीक करेंगे। 


समस्याओं का समाधान करे सरकार
नयनादेवी के विधायक रामलाल ठाकुर का कहना है कि पूर्व सरकार के समय उन्होंने इस मुद्दे को कई बार उठाया था। सरकार ने लोगों के समाधान को कमेटी बनाई। समस्याएं सुनी गईं और इनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को आदेश दिए थे। इसी बीच सरकार बदल गई, लेकिन अब भाजपा को चाहिए कि लोगों को पेश आ रही समस्याओं को समाधान करवाएं। सरकार को चाहिए कि अवैध माइनिंग, पौधरोपण, एमफार्म में की जा रही कोताही पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

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