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एसपी किन्नौर समेत कई पुलिस कर्मचारियों पर गिर सकती है गाज
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 26 Jun 2017 09:27 AM IST
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किन्नौर के रारंग गांव निवासी 45 साल के खयाडुप ज्ञाछो की मौत के बाद मिले चार पन्नों के सुसाइड नोट ने हड़कंप मचा दिया है। मामला सरकार के संज्ञान तक पहुंचने पर आननफानन में कार्रवाई की तैयारी हो गई है। सूत्रों के अनुसार किन्नौर के एसपी रोहित मालपानी सहित रिकांगपिओ के एसएचओ और कुछ अन्य पुलिस कर्मियों पर मामले में ढिलाई बरतने पर तबादले की गाज गिर सकती है।
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खयाडुप ज्ञाछो (45) का शव 13 जून को रिकांगपिओ टैक्सी स्टैंड के पास मिला था। ज्ञाछो की पत्नी भजन देवी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि उनके पति ने जहरीला पदार्थ खाकर जान दी है। भजन देवी के अनुसार सुसाइड नोट में मृतक ज्ञाछो ने तीन पुलिस वालों के नाम और रैंक लिखकर बताया है कि वे इनकी प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर रहे हैं।
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सुसाइड नोट में एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी, पूह थाने के एएसआई रमेश और हेड कांस्टेबल हुकुम का नाम था। सूत्रों की मानें तो मामले में एफआईआर दर्ज न करने के लिए स्थानीय अधिकारियों के ऊपर खासा दबाव था। स्थानीय अफसरों ने खुद के फंसने के डर से एफआईआर तो दर्ज कर ली, लेकिन सुसाइड नोट और उसमें दर्ज आरोपियों के नामों को नजरअंदाज कर अज्ञात के खिलाफ
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आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में मामला दर्ज कर लिया। सरकार के खास माने जाने वाले एसपी का नाम मामले की जांच में सामने आने के बाद सरकार में बैठे कुछ अधिकारी किन्नौर पुलिस पर अपना गुस्सा निकालने की तैयारी में हैं। पुष्ट सूत्रों की मानें तो
एसपी समेत कई पुलिस कर्मियों के तबादले की फाइल तक तैयार कर ली गई है। हालांकि, शासन में बैठे कुछ वरिष्ठ अधिकारियों के एतराज के चलते इस पर कोई निर्णय नहीं हो सका है। सूत्रों का कहना है कि एफआईआर दर्ज कर जांच करने वाले कुछ कर्मियों पर कभी भी तबादले की गाज गिर सकती है।