{"_id":"57e783754f1c1bf90a573af9","slug":"khushwant-singh-literary-festival-in-kasauli","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में सरहद पार के मेहमानों को भेजा पैगाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में सरहद पार के मेहमानों को भेजा पैगाम
ब्यूरो/अमर उजाला, कसौली (सोलन)
Updated Sun, 25 Sep 2016 01:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सदी के महान लेखक खुशवंत सिंह को पाकिस्तान से बेपनाह मोहब्बत रही है। पड़ोसी मुल्क से असीम लगाव मरने के बाद भी हड़ाली (पाक) के उस स्कूल की दीवारों पर प्रेम और भाईचारे का संदेश दे रहा है, जिसकी मरम्मत उनके शरीर की रख से हुई है।
विज्ञापन
उसी रूह के सम्मान के लिए 14 से 16 अक्तूबर को कसौली में आयोजित होने वाले खुशवंत सिह लिटफेस्ट में शिरकत करने के लिए पाकिस्तानी साहित्यकारों को निमंत्रण भेजे गए हैं। वो भी ऐसे में जब उड़ी हमले में दोनों देशों के बीच जंग का खतरा मंडरा रहा है।
विज्ञापन
निमंत्रण भेजे जाने की बात खुद खुशवंत सिंह के बेटे राहुल सिंह ने अमर उजाला से फोन पर बातचीत के दौरान कही है। उन्होंने कहा कि बार्डर में चाहे तनाव जैसे भी हों, लेकिन पाकिस्तानी मेहमानों को संदेशा भेजा गया है। उनके पिता की रूह हिंदोस्तान और पाकिस्तान में बसती थी।
विज्ञापन
सरदार जी (खुशवंत सिंह) ने हमेशा साहित्यिक मंच के माध्यम से दोनों मुल्कों में मिठास घोलने की कोशिश की है। जिस कोशिश को वह बरकरार रखेंगे। उनकी तरफ से पाकिस्तानी के साहित्यकारों के दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे, बावजूद इसके कि हालात कैसे भी हों।
अब सरहद पार के साहित्यकारों का आना या ना आना पाकिस्तानी सरकार पर निर्भर करता है। इस बार भी पाकिस्तानी साहित्यकार फकीर एजाजुदीन, सैयदा आबिदा हुसैन, अमिना सैय्यद को न्योता भेजा गया है।
इस बार पांचवां लिटफेस्ट
पांचवें लिटफेस्ट की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। हर बार भारत और पाक के साहित्यकार लिटफेस्ट में भाग लेने आते रहे हैं। यहां आकार सदी के महान लेखक स्व. खुशवंत सिंह को अपनी ओर से सम्मान देते हैं।
आयोजनकर्ता निलोफर बिलिमोरिया ने बताया की पाक के साहित्यकारों को निमंत्रण भेजे जा चुके हैं, लिटफेस्ट में आना या ना आना उन पर निर्भर करता है।
उन्होंने कहा कि तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं। दादा साहेब फालके अवार्ड व पदम भूषण से सम्मानित प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक श्याम बैनेगल का आना लगभग तय है।
प्रसिद्ध अभिनेता दलीप ताहिल के अलावा मणिशंकर अय्यर, सुहेल सेठ आदि अनेकों राजनैतिक, साहित्यकार, बॉलीवुड से जुड़ी महान हस्तियां शिरकत करेंगी। ओलंपिक्स में गोल्ड मेडल विजेता शूटर अभिनव बिंद्रा को भी लाने का प्रयास किए जा रहे हैं।
पाकिस्तान टमाटर जाना हुआ बंद
पाक से तनाव के बीच सोलन का टमाटर पाकिस्तान की मंडियों में जाना बंद हो गया है। पिछले दस दिन से टमाटर भेजा नहीं गया है। बताया जा रहा है कि सोलन में कम पैदावार और पड़ोसी मुल्कों में तनाव के चलते सोलन का टमाटर पाकिस्तान नहीं भेजा जा रहा है।
आढ़ती एसोसिएशन के चेयरमैन अमर सिंह ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान के लिए आठ से 10 रुपये प्रतिकिलो टमाटर की खरीद की जा रही है। लेकिन पैदावार कम होने के चलते लोकल मंडी में ही टमाटर के दाम 15 रुपए किलो तक हैं।