आखिर क्यों सरेआम गुस्सा हुए खली, जमकर निकाली भड़ास
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रेस्लिंग की दुनिया में भारत का डंका बजाने वाले द ग्रेट खली की भड़ास आखिरकार बाहर निकल आई। वजह भी साफ थी। प्रदेश और देश का नाम चमकाने वाले खली के लिए आखिर सरकार ने किया ही क्या है।
यही नहीं, बाकी खिलाड़ियों के साथ हो रही अनदेखी से भी खली काफी आहत दिखे। उन्होंने कहा कि हिमाचल में खिलाड़ियों की अनदेखी हो रही है। खेल और खिलाड़ियों की अनदेखी से आहत खली ने सरकार को जागने की सलाह तक दे डाली।
उन्होंने कहा कि हिमाचल में होनहार खिलाड़ियों की कमी नहीं है। मगर सरकार न तो उनके लिए कुछ कर रही है और न ही खेल सुविधाओं को बढ़ावा दे रही है।
इसलिए हिमाचल छोड़ पंजाब गए खली
खली ने कहा कि सरकार की ओर से खासकर नौकरी को लेकर ज्यादा प्रोत्साहन न मिलने के कारण वे दूसरे राज्यों का रुख कर रहे हैं। यह चिंताजनक है। रविवार को चौपाल जाते समय वह थोड़ी देर के लिए सोलन में रुके थे।
इस दौरान उन्होंने पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। यदि उन्हें भी हिमाचल में रोजी रोटी का जुगाड़ (नौकरी) हो जाता तो वह पंजाब कभी जाने की नहीं सोचते। खिलाड़ियों को नौकरियां न मिलने के कारण एक समय ऐसा आता है, जब वह रोजी रोटी कमाने के लिए खेल की ओर से दूर होता है। कोटलानाला के नजदीक एचसीए के विद्यार्थियों ने उनका स्वागत किया।
सरकार जागे तो रूकेगा खिलाड़ियों का पलायन
उन्होंने कहा कि प्रदेश के खिलाड़ी खेल सुविधाओं के अभाव के कारण आज भी दूसरे राज्यों की ओर से खेल रहे हैं। सरकार खेल को बढ़ावा देने की दिशा में कार्य कर रही है, लेकिन इसमें और अधिक ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि इससे हिमाचल के खिलाड़ियों का पलायन भी रूकेगा।
उन्होंने युवाओं को नशे से दूर रहने की सलाह दी, साथ ही मणीपुर में शहीद हुए भारतीय सेना के जवानों को श्रद्धांजलि भी दी। खली के साथ सोलन में एचसीए के एमडी सुशील राठौर, कोटलानाला व्यापार मंडल के महासचिव अमित डोभाल, सह सचिव विनय भगनाल, यशपाल ठाकुर मौजूद रहे।