'केसीसी बैंक भर्ती परीक्षा में अड़ंगा भाजपा की साजिश'
सुप्रीम कोर्ट की ओर से केसीसी बैंक भर्ती परीक्षा के रिजल्ट पर स्टे लगने के मामले में बैंक के चेयरमैन जगदीश सिपहिया ने विपक्ष पर भर्ती प्रक्रिया में अड़ंगा लगाने का आरोप लगाया है। केसीसी बैंक मुख्यालय धर्मशाला में प्रेसवार्ता के दौरान सिपहिया ने आरोप लगाया कि बैंक की भर्ती प्रक्रिया का रिजल्ट लटकाने में विपक्ष ने साजिश रची है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी उस दौरान नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने हमीरपुर में प्रेसवार्ता कर विरोध जताया था। इससे पुख्ता हो गया है कि विपक्ष केसीसी बैंक की भर्ती में अड़ंगा लगा रहा है। विपक्ष को इसका खामियाजा विधानसभा चुनाव में उठाना पड़ेगा।
सपैहिया ने कहा कि केसीसी बैंक की ओर से भर्ती परीक्षा हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के माध्यम से करवाने को लेकर देहरा के बनखंडी निवासी राजकुमार पुत्र प्रकाश चंद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
'बैंक को कोर्ट की ओर से नहीं मिला कोई नोटिस'
बैंक प्रबंधन और प्रदेश सरकार का पक्ष सुनने के बाद हाईकोर्ट ने प्रार्थी की याचिका रद्द कर दी थी। इसके बाद यह याचिकाकर्ता सुप्रीम कोर्ट में गया है। याचिकाकर्ता के वकील ने बैंक को सूचित किया है कि सर्वोच्च न्यायालय ने मामले की सुनवाई होने तक भर्ती परीक्षा के परिणाम पर स्टे लगा दी है।
इसके अलावा अभी तक बैंक को इस याचिका के संबंध में कोर्ट की ओर से कोई नोटिस नहीं मिला है। इसकी सूचना स्कूल शिक्षा बोर्ड को भी दी गई है। बैंक सुप्रीम कोर्ट का पूरा सम्मान करता है। इसलिए, अभी बैंक की भर्ती परीक्षा का परिणाम नहीं निकाला जाएगा। इस बाबत शिक्षा बोर्ड के अफसरों से भी बात हुई है।
सपैहिया ने बताया कि इस याचिका की वजह से अब भर्ती प्रक्रिया में देरी हो सकती है। इससे हजारों बेरोजगार युवाओं को परेशान होना पड़ेगा। बेरोजगारों को रोजगार जल्द मिले इसलिए बैंक ने स्कूल शिक्षा बोर्ड के माध्यम से भर्ती परीक्षा करवाने का निर्णय लिया था।