Kargil Vijay Diwas: कारगिल युद्ध में हिमाचल प्रदेश के 52 वीर जवानों ने दिया था सर्वोच्च बलिदान
कारगिल युद्ध में हिमाचल प्रदेश के 52 जवानों ने देश की सरहद की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया था।
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कारगिल युद्ध में पाकिस्तान पर भारतीय सशस्त्र बलों की जीत के उपलक्ष्य में हर साल 26 जुलाई को कारगिल विजय दिवस के रूप में मनाया जाता है। कारगिल युद्ध 3 मई, 1999 को भारत के जम्मू-कश्मीर के कारगिल जिले में शुरू हुआ था। 26 जुलाई, 1999 को भारतीय सशस्त्र बलों की जीत के साथ समाप्त हुआ। कारगिल में 1999 में पाकिस्तान के साथ चले दो माह तक के युद्ध में हिमाचल प्रदेश के वीर सपूतों ने अदम्य साहस का परिचय देते ह़ुए मिसाल पेश की। कारगिल युद्ध में प्रदेश के 52 वीर सपूतों ने प्राणों की आहुतियां दीं।
ऑपरेशन विजय में सेना के 527 जवान शहीद हुए। इनमें से 52 हिमाचली जवान थे। हिमाचल के 52 शहीदों में सबसे अधिक कांगड़ा जिला के 15 जवान शामिल थे। इस युद्ध में हिमाचल के वीर सपूतों को परमवीर चक्र, वीर चक्र, शौर्य चक्र और अन्य पदकों से सम्मानित किया गया। इनमें से पालमपुर के कैप्टन विक्रम बत्रा को मरणोपरांत, जबकि बिलासपुर के राइफलमैन संजय कुमार को सर्वोच्च गैलेंट्री अवार्ड परमवीर चक्र से नवाजा गया था। 25 साल पहले जो जख्म कारगिल युद्ध में मिले थे वह जख्म आज तक नहीं भर सके हैं। कारगिल युद्ध में किसी ने बेटा खोया, किसी ने भाई तो किसी ने पिता। फिर में हिमाचलियों में अपने बेटों को सेना में भेजना की उत्साह कम नहीं हुआ है।
कांगड़ा जिले से इन्होंने दिया बलिदान
पालमपुर से परमवीर चक्र विजेता कैप्टन बिक्रम बतरा, बंदला से कैप्टन सौरभ कालिया, बणे दी हट्टी से ग्रेनेडियर विजेंद्र सिंह नंदलु, नगरोटा बगवां के टांडा मस्सल से बलराम दास, गोपालपुर से राइफलमैन राकेश कुमार, जवाली के लहड़ा से राइफलमैन अशोक कुमार, जवाली के घाड़ जरोट से लांस नायक वीर सिंह बलदोआ, नूरपुर के गंगथ से सिपाही लखबीर सिंह, नूरपुर के जटोली से सिपाही संतोष सिंह, कोटपलाहड़ी से राइफलमैन जगजीत सिंह, जवाली के मतलाहड़ से हवलदार सुरेंद्र सिंह, धर्मशाला के खनियारा के राइफलमैन सुनील जंग, ज्वालामुखी के अंब पठियार से ग्रेनेडियर योगिंद्र सिंह, देहरा के लाेअर सुनेहत से ग्रेनेडियर सुरजीत सिंह और इंदौरा के लांस नायक पदम सिंह शामिल हैं।
जिला मंडी से कैप्टन दीपक गुलेरिया, नायब सूबेदार खेम चंद राणा, हवलदार कृष्ण चंद, नायक सरवन कुमार, सिपाही टेक राम मस्ताना, सिपाही राकेश कुमार चौहान, सिपाही नरेश कुमार, सिपाही हीरा सिंह, जीडीआर पूर्ण सिंह, एल/हवलदार गुरदास सिंह। जिला हमीरपुर से हवलदार कश्मीर सिंह(एम-इन-डी), हवलदार राजकुमार (एम-इन-डी), सिपाही दिनेश कुमार, हवलदार स्वामी दास चंदेल, सिपाही राकेश कुमार, आरएफएन प्रवीण कुमार, सिपाही सुनील कुमार, आरएफएन दीप चंद(एम-इन-डी)। जिला बिलासपुर से हवलदार उधम सिंह, नायक मंगल सिंह, आरएफएन विजय पाल, हवलदार राजकुमार, नायक अश्वनी कुमार, हवलदार प्यार सिंह, नाइक मस्त राम।
जिला शिमला से जीएनआर यशवंत सिंह, आरएफएन श्याम सिंह (वीआरसी), जीडीआर नरेश कुमार, जीडीआर अनंत राम। जिला ऊना से कैप्टन अमोल कालिया वीर चक्र, आरएफएन मनोहर लाल, जिला सोलन से सिपाही धर्मेंद्र सिंह, आरएफएन प्रदीप कुमार। सिरमौर जिला से आरएफएन कुलविंद सिंह, आरएफएन कल्याण सिंह (सेना मेडल), जिला चंबा से सिपाही खेम राज, जिला कुल्लू से हवलदार डोला राम (सेना मेडल) कारगिल युद्ध के हीरो थे।