कांगड़ा: रिहायशी इलाकों में दिखे अजगर, पकड़कर जंगल में छोड़े
वन विभाग के रेंज ऑफिसर शशि पाल ने बताया कि उन्हें फकलोह और द्रंग में अजगर निकलने की सूचना मिली थी। ग्राम पंचायत द्रंग में निकला अजगर 18 फीट लंबा था। डिप्टी रेंजर भूपिंद्र सिंह भड़ोली ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर अजगर को पकड़ने की मुहिम चलाई।
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में ज्वालामुखी क्षेत्र की दो पंचायतों में अजगर दिखने से लोगों में दहशत का माहौल पैदा हो गया है। भारी बारिश के बाद अजगर रिहायशी इलाकों के पास दिखाई देना शुरू हो गए हैं। फकलोह पंचायत में शनिवार सुबह एक मादा अजगर घर के समीप पहुंच गई थी, जिसकी सूचना वन विभाग कार्यालय को दी। विभाग के कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत से इसे रेस्क्यू करके सुरक्षित जंगल में छोड़ा। वहीं, द्रंग पंचायत में भी घरों के समीप बने नाले में एक बड़े अजगर को देखकर ग्रामीण ने वन विभाग को इसकी सूचना दी और रेस्क्यू करवाया गया। इन दोनों अजगरों को पकड़ने के लिए वन रक्षक विनोद कुमार ने अहम भूमिका निभाई।
फकलोह में मिली मादा अजगर लगभग 20 फीट लंबी थी और गीदड़ को शिकार बना रही थी। वन विभाग के रेंज ऑफिसर शशि पाल ने बताया कि उन्हें फकलोह और द्रंग में अजगर निकलने की सूचना मिली थी। ग्राम पंचायत द्रंग में निकला अजगर 18 फीट लंबा था। डिप्टी रेंजर भूपिंद्र सिंह भड़ोली ने टीम के साथ मौके पर पहुंचकर अजगर को पकड़ने की मुहिम चलाई। कड़ी मशक्कत के बाद अजगर को पकड़कर जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। फकलोह में भी वन कर्मियों की टीम ने मादा अजगर को पकड़ा और उसे सुरक्षित आबादी से दूर जंगल मे छोड़ा गया। वन रक्षक विनोद कुमार पिछले आठ माह में ज्वालामुखी व आसपास के क्षेत्रों में सात लंबे अजगरों को पकड़ चुके हैं।